मैले तिरंगे पर युवा कांग्रेस का हल्लाबोल‘बेशर्म फूल’ भेंट कर रेलवे से कार्रवाई और रेल सुविधाएं सुधारने की मांग

विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ 

कोरबा (सुघर गांव)। रेलवे प्रबंधन द्वारा कथित रूप से मैले राष्ट्रीय ध्वज लगाए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला महासचिव मधुसूदन दास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रेलवे अधिकारी को ‘बेशर्म फूल’ का गुलदस्ता भेंट कर विरोध दर्ज कराया। साथ ही ट्रेनों की लेटलतीफी और गेवरा स्टेशन से यात्री ट्रेनों के संचालन का मुद्दा भी उठाया गया। चार मुद्दों पर रेलवे को घेरा
1. तिरंगे के सम्मान का सवाल
युवा कांग्रेस ने मैले राष्ट्रीय ध्वज को तत्काल उतारकर नया झंडा लगाने की मांग की और इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
2. जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई
कार्यकर्ताओं ने कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की मांग रखी। उच्च अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
3. ट्रेनों की लेटलतीफी
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए ट्रेनों का समयबद्ध संचालन और लेटलतीफी दूर करने की मांग की गई।
4. गेवरा से यात्री ट्रेनें शुरू हों
गेवरा स्टेशन से पूर्व में संचालित यात्री ट्रेनों को जल्द पुन शुरू करने की मांग रेलवे अधिकारियों के समक्ष रखी गई।
मधुसूदन दास जिला महासचिव युवा कांग्रेस ने कहा, “राष्ट्रीय ध्वज देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। इसके सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। रेल यात्रियों की सुविधाओं और नियमित ट्रेन संचालन के लिए भी युवा कांग्रेस लगातार आवाज उठाएगी।”
उच्च अधिकारियों द्वारा झंडा तत्काल उतारकर नया लगाने, संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने तथा रेल सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर पहल करने के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव प्रत्याशी अंकित श्रीवास्तव, एनएसयूआई उपाध्यक्ष आकाश राज, शैलेन्द्र कुर्रे, ब्लॉक अध्यक्ष बबलू मरूवा, कमल किशोर चन्द्रा, प्रमोद काकरे, पुष्पेंद्र कुर्रे, धनजय राठौर, लक्की राठौर, खगेश बरेठ, विनय चौहान, रोहन चौहान, सूरज चौहान, विमल चौहान, छोटू जायसवाल, बजरंग सतनामी, आयुष यादव, दीपक कुमार, मनीष यादव, मार्कण्डे बरेठ, विनायक सिदार और आदर्श सोनी सहित अनेक युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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