कोरबा (सुघर गांव)। जिले की सहकारी समितियों में लंबे समय से कार्य विभाजन और जिम्मेदारियों को लेकर उत्पन्न हो रही असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए सहकारिता विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। उपायुक्त सहकारी संस्थाएं कोरबा मती मिंज के निर्देश पर हरदीबाजार शाखा के अंतर्गत आने वाली मूल एवं नवगठित समितियों में कर्मचारियों की नई पदस्थापना की गई है। सहकारी समितियों के पुनर्गठन के बाद बोईदा, नोनबिर्रा और ढोलपुर जैसी नई समितियां अस्तित्व में आई हैं। नई व्यवस्थाओं के अनुरूप कर्मचारियों को संबंधित समितियों में भेजकर कार्य संचालन को व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है। विभाग का मानना है कि इससे समितियों में समन्वय बढ़ेगा और किसानों को मिलने वाली सेवाएं अधिक प्रभावी होंगी। मुख्य बिंदु
🔹 पुनर्गठन के बाद नई व्यवस्था लागू
उतरदा से बोईदा, हरदीबाजार से नोनबिर्रा और कोरबी से ढोलपुर नई समितियों का गठन होने के बाद कर्मचारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
🔹 विवादों पर लगेगा विराम
कार्य विभाजन को लेकर कर्मचारियों के बीच बन रही असहमति और विवाद की स्थिति को समाप्त करने के लिए प्रशासन ने त्वरित हस्तक्षेप किया।
🔹 किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
नई पदस्थापनाओं से खाद, बीज वितरण और सहकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
🔹 समयबद्ध कार्य संचालन पर जोर
सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण कर समितियों की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी समितियों को निर्देशित किया गया है कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे तथा खाद-बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। इससे ग्रामीण क्षेत्र की सहकारी व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं जवाबदेह बनने की उम्मीद है।
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