पुलिस प्रताड़ना के आरोप में टंकी पर चढ़े दो युवक मारपीट और जबरन हिरासत का आरोप, TI पर कार्रवाई की मांग नेवसा में ग्रामीणों का फूटा आक्रोश

विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ 

कोरबा (सुघर गांव)।  हरदीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत नेवसा में पुलिस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा उस समय खुलकर सामने आ गया, जब दो युवक कथित पुलिस प्रताड़ना के विरोध में गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की।
दर्शन कर लौट रहे थे, रास्ते में रोके जाने का आरोप
नेवसा निवासी दीपेश निर्मलकार (24 वर्ष) और रफीक मोहम्मद (25 वर्ष) का कहना है कि वे मंगलवार को खम्हरिया स्थित दादी अम्मा से दर्शन कर लौट रहे थे। शाम करीब 4 बजे सिरली क्षेत्र में उन्हें रोक लिया गया और वहीं उनके साथ मारपीट की गई।
थाने में अमानवीय व्यवहार का आरोप
दोनों युवकों का आरोप है कि उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया, जहां उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया गया। युवकों का कहना है कि उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं, जो कथित मारपीट की गवाही दे रहे हैं।
सिविल ड्रेस में लोगों को उठाने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी कई बार सिविल ड्रेस में गांव पहुंचकर लोगों को घरों से उठा ले जाते हैं और बाद में उन पर जुआ गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया जाता है। इससे ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
TI पर कार्रवाई की मांग, प्रशासन पर भी सवाल
युवकों ने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद डड़सेना पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच और बर्खास्तगी की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 7 बजे ही पुलिस प्रशासन को सूचना दे दी गई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित युवकों को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं मामले में पुलिस प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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