कोरबा (सुघर गांव) जिले के लेमरू में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी वाले शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष दिए गए आवेदनों का आज तक निराकरण नहीं हुआ, जबकि इस बार भी उन्हें केवल पावती थमा दी गई।
1. पुराने आवेदन अब तक अधर में ग्रामीणों के मुताबिक बीते वर्ष सुशासन तिहार में सड़क, बिजली, पानी और राजस्व से जुड़े करीब 10 आवेदन दिए गए थे। एक साल गुजरने के बावजूद न कोई जांच हुई और न ही समाधान मिला।
2. शिकायतों को “मांग” में बदलने का आरोप ग्रामीणों ने कहा कि शिविर में दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें सामान्य मांग बताकर रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। इससे वास्तविक समस्याएं फाइलों में दबकर रह जाती हैं।
3. मंत्री बिना जवाब दिए रवाना शिविर में मौजूद उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन से ग्रामीणों ने जवाब चाहा, लेकिन वे बिना कुछ बोले ही निकल गए। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
4. घोषणाओं के बीच ग्रामीणों का सवाल मुख्यमंत्री ने लेमरू में छात्रावास, एनीकट, स्कूल भवन और सड़क निर्माण जैसी कई घोषणाएं कीं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पहले पुराने आवेदनों का समाधान होना चाहिए। उनका सवाल है कि जब पहले की समस्याएं जस की तस हैं तो नई घोषणाओं का फायदा कब मिलेगा।
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