एसईसीएल कुसमुंडा की लापरवाही फिर से सामने आई, बाउंड्रीवॉल करने के नाम पर खानापूर्ति.

एसईसीएल कुसमुंडा की लापरवाही फिर से सामने आई, बाउंड्रीवॉल करने के नाम पर खानापूर्ति.

बरसात होने से बसाहट की जगहों पर मिट्टी मलवा का बहकर एकत्रित होना, जान–माल की हानि।



जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो (छ.ग.)

कोरबा(सुघर गांव)। एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा ग्राम जटराज के ग्रामीणों को बसाहट देने के लिए कैलाश खदान क्षेत्र के 14 नम्बर डंपिंग को दो वर्ष पहले काटा गया है। सुनिश्चित की गई जगह पर ग्रामीणों के द्वारा बसाहट के चारों ओर हाईवाल दीवार बनाने का मांग किया जा रहा है। ताकि बरसात के समय मलवा बहकर रोड पर न जाए किन्तु ग्रामीणों की मांग को अनसुना करते हुए कुछ भाग में ईट का दीवाल खडा किया गया था। बीते दिनों हुए पहली बरसात वह दीवाल बरसात का पानी में ढह गया। खदान से निकले एकत्रित की गई मिट्टी की डंपिंग एरिया बसाहट स्थल पर भविष्य में कभी भी भू स्खलन होने की संभावना है तथा भारी मात्रा में जान माल की हानि हो सकती है। बसाहट स्थल पर किये जा रहे निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन है जिस पर तत्काल रोक लगाई जाने की बातें कही जा रही है। 

स्थाई निवासियों व भूस्थापितों तथा ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा बसाहट के लिए प्लाट आवंटन किया जा रहा है। जिसे तत्काल रोका जाए तथा सुरक्षा सहित सम्पूर्ण व्यवस्थाओं के बाद ही ग्रामीणों को प्लांट आवंटन किया जाये।



जानकारी मिली है कि एसईसीएल कुसमुंडा खदान से निकाले मिट्टी मलवा एक पहाड़ बनाया गया और घेराव करते हुए एक कमजोर दरार युक्त दीवाल बनाई गई है वह दीवाल बहुत ही नाजुक बनाई गई है। इस हफ्ते अत्यधिक बरसात होने से मिट्टी मलवा पहाड़ से नीचे बह गए। इसी प्रकार बरसात होने के कारण ईट से बनी नाजुक दीवाल भी बरसात के पानी के साथ बह गई। कहीं ना कहीं संबंधित ठेकेदार की लापरवाही से पहाड़ों के नीचे जो बाउंड्री वॉल बनाई गई है वह पूरी तरीके से ध्वस्त हो चुकी। संबंधित ठेकेदार और सीसीएल के अधिकारियों के ऊपर जिला कोरबा प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है जिससे कि भारी बरसात में संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना व जान माल की हानि ना हो।



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