फूलो देवी नेताम को मिली नई जिम्मेदारी,प्रदेश में हर्ष की लहर,प्रभा सिंह तंवर जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस कोरबा ने दी बधाई

फूलो देवी नेताम को मिली नई जिम्मेदारी,प्रदेश में हर्ष की लहर,प्रभा सिंह तंवर जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस कोरबा ने दी बधाई 
     विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो 
कोरबा (सुघर गांव)। 05 नवंबर 2025, छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी सादगी,समर्पण और जमीनी जुड़ाव के लिए जानी जाने वाली राज्यसभा सांसद एवं प्रदेशाध्यक्ष महिला कांग्रेस फूलो देवी नेताम को कांग्रेस आलाकमान ने एक नई जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस कमेटी की सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया है। उनके इस नियुक्ति की घोषणा होते ही पूरे प्रदेश भर में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ गई है।
    फुलोदेवी को मिली नई जिम्मेदारी 
अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस कमेटी की सलाहकार समिति की सदस्य नियुक्त। छत्तीसगढ़ प्रदेश में उत्साह   और गर्व की लहर। श्रीमती नेताम की पहचान सादगी, सेवा और जमीनी जुड़ाव की मिसाल है।
*प्रभा सिंह तंवर ने फुलोदेवी नेताम को दी शुभकामनाएं*   कोरबा जिला महिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) की अध्यक्ष प्रभा सिंह तंवर ने फुलोदेवी नेताम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा - “फूलो देवी नेताम की यह नई जिम्मेदारी न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश भर की आदिवासी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। वे हमेशा से समाज के वंचित,गरीब और ग्रामीण तपके की सशक्त आवाज रही हैं। उनका संघर्ष,सादगी और सेवा भाव उन्हें जन - जन का नेता बनाता है।”
       *प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व
महिला कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणा।
  नेतृत्व शैली - सरल,मिलनसार और संगठन के प्रति समर्पित। प्रभा सिंह तंवर ने आगे कहा कि फुलो देवी नेताम का नेतृत्व हमेशा से महिला कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। “वे जिस सहजता और अपनापन के साथ जनता से जुड़ी रहती हैं, वह उन्हें एक अलग पहचान देता है। उनकी कार्यशैली, व्यवहार कुशलता और संगठन के प्रति समर्पण हर कार्यकर्ता के लिए सीखने योग्य है।” फूलो देवी नेताम के इस नए दायित्व को लेकर कोरबा समेत पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने इसे आदिवासी समाज और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।
         *जनसेवा का समर्पण* 
आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व - अब आदिवासी समाज की आवाज़ और बुलंद होगी।

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