प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ
कोरबा ( सुघर गांव )। जिले से खास खबर सामने आया है, यह खबर ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति (UBKKS) संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महिलांगे ने एसईसीएल (SECL) की कोयला खदानों में हो रही अनियंत्रित और अत्यधिक हैवी ब्लास्टिंग के कारण प्रभावित क्षेत्र के रह रहे निवासियों, विशेष रूप से खदान के समीप के गांवों में रहने वाले ग्रामीण और प्रभावित परिवारों की गंभीर समस्याओं और जान-माल के खतरे पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है ।
प्रमुख चिंताएं:-
01. जान का खतरा:- हैवी ब्लास्टिंग से बड़े-बड़े कोयले के टुकड़े और पत्थर उड़कर सीधे घरों की छतों पर गिर रहे हैं यहां के निवासियों, विशेषकर बच्चों के लिए सीधा जानलेवा खतरा है यह किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है ।
02. आवासों को नुकसान:- ब्लास्टिंग की तीव्रता इतनी अधिक है कि कच्चे-पक्के मकानों में गहरी दरारें आ गई हैं कई घरों की सीमेंट और टीन की छतें टूट गई हैं, जिससे प्रभावित ग्रामीण परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है ।
03. प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याएं:- अत्यधिक धूल और कंपन से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे कोयला खदान के क्षेत्र के निवासियों में सांस और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं ।
04. प्रशासन की लापरवाही:- स्थानीय प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन को बार-बार शिकायतें करने के बावजूद, इन मानकों का उल्लंघन करने वाली ब्लास्टिंग पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई है ।
मांग:- ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति (UBKKS) संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी ललित महिलांगे ने प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन से तत्काल निम्नलिखित मांगें की हैं:-
01. हैवी ब्लास्टिंग पर रोक:- खदानों में हैवी ब्लास्टिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही ब्लास्टिंग की अनुमति दी जाए ।
02. नुकसान का मुआवजा:- ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त हुए सभी घरों का उचित मूल्यांकन किया जाए और प्रभावित ग्रामीण परिवारों को पर्याप्त एवं त्वरित मुआवजा प्रदान किया जाए ।
03. सुरक्षा सुनिश्चित की जाए:- ब्लास्टिंग से पहले गाँव में उचित मुनादी की जाए और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इन मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति संगठन प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी कोयला क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीण परिवारों की जीवन और आजीविका की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं ।
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