मोती लाल बंजारे
बलौदा बाजार (सुघर गांव)। 09 नवंबर 2025,
शासकीय कस्तूरबा कन्या आवासीय विद्यालय कसडोल में अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन कसडोल द्वारा संयुक्त रूप से गांधी जयंती उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान पोस्टर प्रदर्शनी और चर्चा, मूवी शो और बातचीत तथा गांधी के जीवन दर्शन पर आधारित कहानी और गांधी के बचपन से युवा पन पर आधारित प्रश्न मंच का आयोजन हुआ। जिसमें बच्चों व शिक्षको ने संयुक्त रूप से भागीदारी की। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों मेन गांधी जी के महान योगदान को मिलकर याद करना, गांधी जी के बचपन की छोटी छोटी घटना जिसमें सत्य ,अहिंसा और ब्रह्मचर्य का पालन करना, दूसरों को कष्ट न पहुंचाना जैसे सबसे महत्वपूर्ण जीवन के अर्थवान मूल्यों का गंभीरता से पालन करके देश के साथ विश्व के सबसे प्रसिद्द सर्वमान्य नेता के रूप में स्वीकार हैं । गांधी का बचपन आज के जीवन के साथ सार्थकता लिए हुये जिसे अपना कर बचपना से जीवन को बेहतर बना सकते हैं। अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन अलाभकारी शिक्षण संस्थान होने के नाते शासकीय विद्यालय के शिक्षकों को अकादमिक सहयोग प्रदान करने के लिए कसडोल विकास खंड में अक्टूबर 2024 से शासन द्वारा संचालित प्रत्येक अकादमिक गतिविधियों को दृढ़ता के साथ मिलकर कार्य कार्य करते हुए अनवरत निःशुल्क सहयोग प्रदान कर रहा हैं। इस प्रक्रिया विविध रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने,शिक्षकों के क्षमता वर्धन करने ,बुनियादी भाषा और संख्या की समझ को बेहतर करने के लिए गतिविधि और नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण कराने में सतत रूप से सहयोग करने में सहयोग करना शामिल हैं। अर्थात यह संस्था शासन से किसी तरह की राशि प्राप्त करता हैं न ही प्रदान करता हैं। साथ ही किसी भी स्थिति में शासकीय शिक्षण संस्थानों एवं शिक्षकों का विकल्प के रूप में काम करने के उद्देश्य से नहीं साथ मिलकर बेहतर बदलाव के लिए कार्य करने के क्रम में आंगनवाड़ी केंद्र ,प्राथमिक से हायर सेकंडरी और महाविद्यालय के युवाओं के साथ मिलकर अर्थात सम्पूर्ण शिक्षा के संस्थान सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से सहयोगी संस्थान के रूप में कार्य करती हैं। यह उद्देश्य को संस्थान के सदस्य नरेन्द्र कुमार ने सत्र के आरंभ में बताये। शिक्षकों व बच्चों ने गांधी जी के तस्वीर पर पुष्प अर्पित करके चर्चा की शुरुआत की। संस्था के प्रधानपाठक व प्रबन्धक रीना कटकवार मेड्म द्वारा औपचारिक स्वागत अभिनंदन किया गया। इसके बाद सभी बच्चों के साथ आयोजन के स्वरूप व भूमिका पर प्रकाश डाला गया। गांधी जयंती उत्सव के तहत आज सभी उपस्थित 90 छात्राओं ने गांधी के बचपन से युवा पैन उनके द्वारा पढ़ाई के साथ कैसे स्वतन्त्रता संग्राम के एक सबसे सर्वमान्य नेता के रूप में पूरे देश और विदेशों मे भी मान्य किया जाने वाला बापू को सर्व प्रथम पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से किया गया। जिसमें सभी बच्चों ने पोस्टर का अवलोकन किया उन्हे पढे और उस पर बातचीत हुई। इसके बाद गांधी के जीवन दर्शन पर विविध घटनाओं और उनसे मिलने वाली सीख पर विचार विमर्श किया गया। इसके बाद मुन्ना भाई एमबीबीएस मूवी के 03 महत्वपूर्ण क्लिप के माध्यम से गांधी जी द्वारा सुझाए गए तीन बिन्दु पहला प्रत्येक बात अपने पिता जी के सत्यता के साथ शेयर करना ,झूठ न बोलकर सच बोलना ताकि और झूठ का सहारा लेना न पड़े। अपनों से छोटे व दूसरे के साथ आदर सत्कार का व्यवहार करना ,दूसरे के साथ ऐसा व्यवहार न करना जो उन्हे पसंद न हो इसी तरह कोई आदमी जितना भी गलती करें उसके उत्तर में सहज और सरलता से जवाब दिया प्रत्युत्तर में किसी भी तरह से विरोध करने पर सच को मुस्करा कर प्रस्तुत किया जाय तो एक दिन गलत करने वाला व्यक्ति स्वयं अपनी गलती स्वीकार करके क्षमा मांग लेता हैं। यह तीनों मूवी शो को बच्चों ने अपने जीवन के साथ जोड़कर देखा। और अपने अनुभव को शामिल किए व साझा भी किये। अंत में सबसे मजेदार व विविध तथ्यों व विस्तृत समझ बनाने तथा गांधी जी के बचपन,पढ़ाई और दक्षिण अफ्रीका में पहली असहयोग आंदोलन में शामिल होने और नस्लीय भेदभाव के खिलाफ कार्य करने तक के सफर पर आधारित भाग एक गांधी जी के शुरुआती जीवन पर केन्द्रित सवाल और उसके चार संभावित उत्तर और सही उत्तर के विश्लेषण तथा विस्तार को समझने व जानकारी को बेहतर करने पर आधारित था। जिसे बच्चों ने खूब मजेदारी के साथ खेला।
अंत में प्रधानपाठक रीना मेड्म ने इस आजोजन को एक सार्थक व ज्ञानवर्धक पहल बताते हुये अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन का आभार व्यक्त किए साथ इस तरह के विविध आयोजन लगातार करने के लिए आमंत्रित किये। खंड स्रोत कार्यालय के आर डी पटेल सर ने इस तरह के महत्वपूर्ण आयोजन के लिए अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय को धन्यवाद दिये की इतना सार्थक कार्यक्रम का आयोजन बच्चों के साथ किया गया। बच्चों ने इस आयोजन को अपने ज्ञान के साथ समझ को बढ़ाने वाला,अपने जीवन में आज सुनी व देखि घटना से सीख लेने वाला व सत्य, दूसरे के साथ सद्व्यवहार व धैर्य रखकर कार्य करने वाला बताया। सस्थान सदस्य अंकिता ने इस तरह के विविध आयोजन के साथ जुड़कर निरंतर कार्य करने व मदद करने की बात काही गई। सम्पूर्ण सत्र को अकादमिक रूप से सहयोग प्रदान करते हुये संस्थान के नरेंद्र कुमार ने कहा कि यह आयोजन विद्यालय के बच्चे व शिक्षकों के सहयोग से आयोजित हुआ जिसमें सभी ने उत्साह से भाग लिया। आयोजन के लिए धन्यवाद व आगामी समय में अन्य मुद्दों के साथ चर्चा करने के लिए पुनः शामिल होने की बात के साथ समापन की घोषणा की गई। इस दौरान विद्यालय के समस्त शिक्षक , बच्चे व खंड स्रोत कार्यालय से सविता मेम, दिव्यांग स्रोत सदस्य भी उपस्थित रही ।
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