सरकारी स्कूल पचोरी में शिक्षकों की मनमानी, विद्यार्थीयों से लगवाये जाते है झाड़ू एवं करवाई जाती है टायलेट साफ

◼️ मना करने पर गुरूजी, मैडम करते है, छात्रों को परेशान

         जाँजगीर चाँपा (सुघर गांव)। सरकारी स्कूलों में अभिभावक बच्चों को इस उम्मीद से भेजते हैं कि वे पढ़ लिखकर उनका नाम रोशन करेंगे। वहीं, पचोरी के शिक्षक-शिक्षिका शायद ऐसा नहीं चाहते हैं। इसलिए वे बच्चों को पढ़ाने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त रखते हैं। उनसे स्कूल में झाडू लगवाई जाती है। टायलेट सफाई करवाई जाती है।
     एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद शिक्षा अभियान सफल होता दिखाई नहीं दे रहा है। इस अभियान अंतर्गत सरकार बच्चों को साक्षर बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं ग्राम पंचायत पचोरी स्कूल में तैनात शिक्षक, शिक्षिका बच्चों को पढ़ाना नहीं चाहते हैं। सरकारी स्कूल में छात्रों से टायलेट सफाई कराने से लेकर हाथों में खुरपी देकर घास आदि साफ कराने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी कुंभकरणी नींद में सो रहे हैं।
           शिक्षको को अच्छे संकल्प के साथ साथ छात्र छात्राओं को अच्छे संस्कार भी देना चाहिए लेकिन वहीं ग्राम पंचायत पचोरी के सरकारी स्कूल प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्र छात्राओं से झाडू लगवाये जा रहे हैं टायलेट सफाई करवाई जाती हैं। स्कूल के बच्चों ने स्वयं कैमरे मेें लोगों को बताया कि हमसे हमारे सर, मैडम हमें झाडू मारने एवं टायलेट साफ करवाते है। और बताने पर हमें डांटते है। मारते है। छात्रों ने यह भी बताया कि गुरुजी, मैडम के कहने पर प्रतिदिन स्कूल में झाडू लगाते हैं। टायलेट साफ करते है। और शिक्षकों का कहना है कि तुम ही सफाई करोगे।
    सरकारी स्कूलों में अभिभावक  अपने बच्चों को इस आशय से पढ़ने भेजते हैं कि कांवेंट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की भॉति उनका बच्चा भी शिक्षा ग्रहण करके पढ़ लिखकर अपने माता- पिता एवं अपने परिवार का नाम रोशन करेगा। जब अभिभावको को पता चलता है कि स्कूलों में पढ़ाई के बजाय बच्चों से प्रतिदिन झाडू लगवाई जाती है। टायलेट साफ करवाये जाते है, तो उनका सपना टूट जाता है। जिससे अभिभावकों का इन सरकारी स्कूलों से मोह भंग होता जा रहा है।

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