भंडारपुरी धाम में गूंजा जय सतनाम का जयघोष, राजसी शोभायात्रा में शामिल हुए धर्मगुरु बालदास साहेब एवं मंत्री खुशवंत साहेब

भंडारपुरी धाम में गूंजा जय सतनाम का जयघोष, राजसी शोभायात्रा में शामिल हुए धर्मगुरु बालदास साहेब एवं मंत्री खुशवंत साहेब
   गुरुगद्दी की पूजा-अर्चना कर की लोकमंगल की कामना, गुरुवाणी से दिया एकता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश
    आरंग (सुघर गांव)। 22 अक्टूबर 2026,
पावन भंडारपुरी धाम में 21 अक्टूबर को आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के अद्भुत संगम का साक्षी बना। धर्मगुरु बालदास साहेब के सानिध्य में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में परम पूज्य संत गुरु घासीदास बाबा जी, गुरु अमरदास बाबा जी तथा शूरवीर, महान प्रतापी राजागुरु बालकदास साहेब जी का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस अवसर पर गुरुगद्दी की विधिवत पूजा-अर्चना कर संत समाज और समस्त मानव समाज के सुख, शांति, समृद्धि एवं लोकमंगल की कामना की गई।
धर्मगुरु बालदास साहेब के साथ धर्मगुरु खुशवंत साहेब, कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं विधायक आरंग, अपने गृह ग्राम भंडारपुरी धाम में आयोजित भव्य-दिव्य शोभायात्रा में राजसी वेशभूषा धारण कर शामिल हुए। घोड़ा-बग्गी पर सवार होकर दोनों धर्मगुरुओं ने श्रद्धालुओं को दर्शन दिए और जनसमुदाय को शुभाशीष प्रदान किया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जय सतनाम के जयघोष के साथ गुरुजनों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
गुरुवाणी में मानवता,समानता और सद्भावना का संदेश
 धर्ममंच से धर्मगुरु बालदास साहेब ने अपनी प्रेरणादायी गुरुवाणी के माध्यम से मानव समाज को एकता, अखंडता, सेवा, सहयोग और सद्भावना का पावन सतनाम संदेश दिया। उन्होंने समाज को शिक्षा, संस्कार और संगठन के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए आपसी भेदभाव को मिटाकर समरस समाज के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने सतनाम पंथ की गौरवशाली परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा सत्य, समानता और मानव कल्याण के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया। गुरुवाणी के इन अमूल्य विचारों ने उपस्थित जनसमुदाय में नई चेतना का संचार किया और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने की प्रेरणा दी।
  भजन,पंथी और अखाड़ा प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए सतनाम मंगल भजन, पंथी नृत्य, अखाड़ा प्रदर्शन तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पारंपरिक धार्मिक प्रस्तुतियों और भक्तिमय वातावरण ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। भंडारपुरी धाम में चारों ओर श्रद्धा, उल्लास और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। गुरु दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं की उपस्थिति और जय सतनाम के गगनभेदी जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सतनाम पंथ की गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी देता नजर आया।
गुरु परिवार एवं संत समाज की रही गरिमामय उपस्थिति
इस पावन अवसर पर गुरु सोमेश साहेब, गुरु सौरभ साहेब, सभापति जिला पंचायत रायपुर सहित गुरु परिवार एवं देवान परिवार के सदस्य, राजमहंत, भंडारी, साटीदार, सामाजिक पदाधिकारी, अखिल भारतीय सतनाम सेना के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि गण, समाज के सदस्य तथा संत समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला श्रद्धा, परंपरा और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए संपन्न हुआ। आयोजन ने एक बार फिर सतनाम पंथ के मूल सिद्धांतों सत्य, समानता, मानवता और सद्भावना के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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