विष्णु कुमार यादव, जिला ब्यूरो चीफ
कोरबा (सुघर गांव)। ग्राम पंचायत अण्डीकछार में संचालित अस्थायी गोवंश स्थल की व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद क्षेत्रीय विधायक एवं पशु चिकित्सा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया। दोनों ने गौवंश की सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था को लेकर अपनी बात स्पष्ट रखी।
1. प्रेमचंद पटेल, कटघोरा विधायक
शासन की अनुमति, विभागीय चयन-निरीक्षण और पर्याप्त सुविधाओं के बाद ही किसी स्थल को गौधाम के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। गौवंश संरक्षण प्राथमिकता है।
2. डॉ. मोहन शेंडे, पशु चिकित्सा अधिकारी, पाली
गोवंश स्थल के संचालन के लिए निर्धारित प्रक्रिया एवं शासन की अनुमति जरूरी है। चारा, पानी, छाया और आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
3. पंचायत की निगरानी में गोवंश
फिलहाल गोवंश को ग्राम पंचायत की निगरानी में रखा गया है, ताकि उनकी देखभाल और आवश्यक व्यवस्थाओं पर नजर बनी रहे।
4. ग्रामीणों ने बाहरी मवेशियों पर जताई आपत्ति
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अण्डीकछार गौठान में केवल अण्डीकछार क्षेत्र में बाहर से आए घुमंतु पशुओं को ही रखा जा सकता है। ग्रामीणों ने बाहर से लाकर रखे गए 350 से अधिक घुमंतु मवेशियों को रखने पर साफ आपत्ति जताई है और उन्हें उनके मूल स्थान पर पहुंचाने की मांग की है।
खबर सामने आने के बाद जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारियों की सक्रियता से गौवंश की सुरक्षा, उचित देखभाल और नियमानुसार व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है।
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