एक स्कूल से निकले दो जांबाज BSF और भारतीय सेना में जेवरा के युवाओं ने रोशन किया नाम

विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ 

 कोरबा (सुघर गांव) । जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय उतरदा से शिक्षा प्राप्त कर निकले बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत जेवरा के दो होनहार युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर सफलता की ऐसी इबारत लिखी है, जिस पर पूरा गांव और विद्यालय गर्व कर रहा है। गरीब परिवार से आने वाले समीर नेताम, पिता सम्मार सिंह नेताम ने कठिन परिस्थितियों के बीच अथक परिश्रम कर BSF की वर्दी हासिल की है। वहीं जेवरा के ही रघुराज सिंह नेताम पिछले कई वर्षों से भारतीय सेना में सेवा देकर मातृभूमि की रक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं। दोनों जवानों ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय उतरदा से अपनी पढ़ाई पूरी की और इसी दौरान अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयारी भी की। एक ही गांव, एक ही विद्यालय और एक जैसी संघर्षपूर्ण पृष्ठभूमि से निकलकर दोनों का देशसेवा के क्षेत्र में पहुंचना आज जेवरा गांव, पाली क्षेत्र, कोरबा जिले और विद्यालय के लिए गौरव की बात है।समीर नेताम के गृह ग्राम जेवरा में प्रथम आगमन पर ग्रामीणों ने उनका हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर भारतीय सेना में सेवारत रघुराज सिंह नेताम ने बुके भेंट कर समीर का अभिनंदन करते हुए उनकी सफलता पर बधाई दी। खास बातें
एक स्कूल, दो जांबाज
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय उतरदा से शिक्षा प्राप्त दोनों युवाओं ने देशसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
 संघर्ष से सफलता तक 
सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण को अपनी ताकत बनाया।
 गांव से देशसेवा तक
जेवरा के इन दोनों युवाओं ने साबित किया कि छोटे गांवों से निकलने वाले युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
 युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
समीर नेताम ने कहा “ईमानदार मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता जरूर हासिल की जा सकती है।”
 रघुराज सिंह नेताम ने कहा
 “हमारे गांव और स्कूल के युवाओं को देशसेवा के लिए आगे बढ़ते देखना गर्व की बात है। युवाओं को अपने लक्ष्य के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए।”

एक ही गांव और एक ही विद्यालय से निकले ये दो जांबाज आज अपनी वर्दी के साथ जेवरा, कोरबा और अपने विद्यालय की पहचान को भी नई ऊंचाई दे रहे हैं।

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