बिलासपुर (सुघर गांव)। 30 अगस्त 2026, जिले की मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम एवं तहसील पचपेड़ी निवासी वरिष्ठ समाजसेवी, लेखक,चिंतक एवं कवि डॉ. गोवर्धन प्रसाद मार्शल को साहित्य लेखन एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सुघर गांव दैनिक समाचार पत्र रायपुर के 14 वें स्थापना दिवस एवं प्रदेश स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह में 26 जुलाई 2026 को उन्हें सम्मान प्रमाण पत्र संपादक श्रवण कुमार के हाथों प्रदान किया गया।
डॉ.मार्शल से उनके निवास पर जनसंपर्क के दौरान सौजन्य मुलाकात कर साहित्य, लेखन एवं समाज सेवा से जुड़े विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई। इस अवसर पर उनके दीर्घायु,उज्ज्वल भविष्य तथा समाज एवं साहित्य के क्षेत्र में निरंतर योगदान के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
*साहित्यिक योगदान*
डॉ.मार्शल की प्रकाशित कृति ‘दर्द’ (2007) सहित ‘हमदर्द की तैयारी’ तथा अनेक साझा काव्य संग्रहों में उनकी रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं। सतनाम हमर पहचान,माटी मोर मीतान, माँ, मेरी कलम से, अग्निपथ के राही,सरगम के मेले, पंखुड़ियां,अहसास, कलम मेरे साथी,अनुभूति सहित विभिन्न राष्ट्रीय साझा काव्य संग्रहों में उनका साहित्यिक योगदान दर्ज है।
*सम्मानों की लंबी श्रृंखला*
उन्हें दलित उत्थान सम्मान, बाबा साहेब डॉ.अंबेडकर फेलोशिप अवार्ड,ज्ञान रत्न सम्मान,डॉ.अंबेडकर मैत्री अवार्ड,सतनामी कवि सम्मान, सतनाम साहित्य सृजन सम्मान,समाज सेवा सम्मान, कलमकार साहित्य अस्मिता अलंकरण,धारा काव्य रत्न अलंकरण,कलमकार अक्षर सम्मान - 2025 तथा कलमकार साहित्य शक्ति अलंकरण एवं राइटर्स अवार्ड - 2026 सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
*सादा जीवन,उच्च विचार*
डॉ.मार्शल की जीवन शैली ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ की रही है। वे सामाजिक सरोकारों और तर्क संगत विचारों का समर्थन करते हुए समाजोद्धारक साहित्य के अध्ययन तथा सामाजिक दशा - दिशा पर चिंतन को महत्व देते हैं। अपनी लेखनी के माध्यम से वे समाज में जागरूकता और चेतना जगाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
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