भूविस्थापित युवाओं के हक की आवाज बनीं प्रभासिंह तंवर SECL अधिग्रहित गांवों के बालिग हो चुके युवक-युवतियों को पुनर्वास लाभ देने की उठाई मांग

विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ 

कोरबा (सुघर गांव)। जिला महिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) की जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जनपद सभापति प्रभासिंह तंवर ने SECL गेवरा क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित गांवों के भूविस्थापित परिवारों के युवाओं के हित में महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने CMD, SECL बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर अधिग्रहण के समय नाबालिग रहे युवक-युवतियों को बालिग होने पर पुनर्वास योजना का लाभ देने की मांग की है।
पुनर्वास नीति में संशोधन की मांग
प्रभासिंह तंवर ने कहा कि ग्राम रलिया, भिलाई बाजार, मुड़ियानार, उमेदीभाटा और नरईबोध के कई बच्चे अधिग्रहण के समय नाबालिग थे, जो अब बालिग हो चुके हैं। ऐसे युवाओं को भी पुनर्वास की पात्रता में शामिल किया जाना चाहिए।
खनन प्रक्रिया में लगेंगे कई वर्ष
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इन क्षेत्रों में कोयला खनन की प्रक्रिया पूरी होने में 20 से 25 वर्ष तक का समय लग सकता है। ऐसे में प्रभावित परिवारों के युवा भविष्य में पुनर्वास अधिकार से वंचित न रहें।
 बसाहट राशि या पुनर्वास भूमि की मांग
महिला कांग्रेस ने मांग की है कि बालिग हो चुके भूविस्थापित युवक-युवतियों को अलग से पुनर्वास भूखंड अथवा बसाहट राशि प्रदान की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
 युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी
प्रभासिंह तंवर ने कहा, “विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित होना चाहिए। भूविस्थापित युवाओं को उनका वैधानिक और नैतिक अधिकार दिलाने के लिए हमारी लड़ाई लगातार जारी रहेगी।”

ज्ञापन की प्रतिलिपि सांसद ज्योत्सना महंत एवं कलेक्टर कोरबा को भी प्रेषित की गई है।

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