किसानों को इंकार, बाहरी वाहनों को डीजल ! रेंकी - अण्डीकछार के पेट्रोल पंप पर भेदभाव के आरोप, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की उठाई मांग

विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ

कोरबा (सुघर गांव)। जिले के विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रेंकी एवं अण्डीकछार में संचालित एक निजी पेट्रोल पंप को लेकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल पंप प्रबंधन द्वारा क्षेत्र के किसानों और आम उपभोक्ताओं की अनदेखी कर बाहरी व्यापारियों एवं बड़े वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण दौर में किसान जब ट्रैक्टर और कृषि कार्यों के लिए डीजल लेने पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, तब उन्हें कभी मशीन खराब होने, कभी स्टॉक खत्म होने तो कभी अन्य कारणों का हवाला देकर वापस लौटा दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर देर रात तक बाहरी क्षेत्रों से आने वाले बड़े वाहनों को डीजल उपलब्ध कराए जाने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रमुख मुद्दे
🔹 स्थानीय किसानों की उपेक्षा
खेती-किसानी के लिए आवश्यक डीजल नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
🔹 बाहरी वाहनों को प्राथमिकता
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय जरूरतों को दरकिनार कर बाहरी व्यापारिक वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
🔹 कृषि कार्य प्रभावित
डीजल की उपलब्धता नहीं होने से ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और अन्य कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
🔹 जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन, क्षेत्रीय विधायक तथा जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वर्तमान कृषि सीजन को देखते हुए किसानों को डीजल-पेट्रोल वितरण में सर्वप्रथम प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि अन्नदाता की जरूरतों को नजरअंदाज कर बाहरी वाहनों को प्राथमिकता देना ग्रामीण हितों के खिलाफ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के साथ हो रहे कथित भेदभाव पर जल्द रोक नहीं लगी तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन की स्थिति निर्मित हो सकती है। साथ ही प्रशासन से पेट्रोल पंप की कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

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