विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ
कोरबा (सुघर गांव) जिले अंतर्गत पाली ब्लॉक के ग्राम खम्हरिया निवासी विकास सील एस.पी. चंद आनंद ने अपनी मेहनत, अनुशासन और अटूट संकल्प के दम पर एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर एक मिसाल कायम की है। सिम्स मेडिकल कॉलेज बिलासपुर से डॉक्टर बनने वाले विकास की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले को गौरवान्वित किया है। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।सफलता की कहानी – चार प्रमुख बिंदु में
संघर्षों के बीच जगी उम्मीद की किरण विकास एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, जहां संसाधनों की कमी थी, लेकिन हौसलों की नहीं। पिता फूलचंद आनंद खेती और मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, फिर भी विकास ने हर कठिनाई को अवसर में बदल दिया।
बिना महंगे कोचिंग के हासिल की सफलता विकास ने नीट परीक्षा की तैयारी के लिए महंगे कोचिंग संस्थानों का सहारा नहीं लिया। उन्होंने NCERT और सेल्फ-स्टडी के दम पर परीक्षा पास कर यह साबित किया कि सच्ची लगन और सही दिशा से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
साढ़े पांच साल की कठिन साधना सिम्स मेडिकल कॉलेज बिलासपुर में साढ़े पांच वर्षों की पढ़ाई और ट्रेनिंग के दौरान विकास ने निरंतर मेहनत की। दिन-रात की पढ़ाई, प्रैक्टिकल अनुभव और आत्मविश्वास ने उन्हें एक कुशल डॉक्टर बनने की राह पर आगे बढ़ाया।
समाज सेवा का संकल्प डॉक्टर बनने के बाद विकास का लक्ष्य सिर्फ करियर बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वे अपने जैसे जरूरतमंद लोगों के लिए काम करना चाहते हैं।
परिवार और समाज में गर्व का माहौल विकास की सफलता पर उनके पिता फूलचंद आनंद ने भावुक होकर कहा कि आज उनका सपना पूरा हुआ है और यह उनके जीवन का सबसे गर्व का क्षण है। गांव और क्षेत्र के लोगों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए विकास को युवाओं के लिए प्रेरणा बताया।
कमलेश कुर्रे का संदेश जनपद पंचायत पाली के सभापति कमलेश कुर्रे ने विकास को बधाई देते हुए कहा— "हमारे ग्राम पंचायत का यह होनहार बेटा आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गया है। सीमित संसाधनों में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना यह दर्शाता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। विकास जैसे युवा हमारे समाज की असली ताकत हैं।"
समापन विकास सील एस.पी. चंद आनंद की यह सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह कहानी बताती है कि मेहनत, धैर्य और दृढ़ निश्चय से हर सपना साकार किया जा सकता है।
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