नदी में छोड़ा जा रहा दूषित पानी, डूडगा के ग्रामीणों में आक्रोश, फैल रही बीमारियां,नदी में शहर का गंदा पानी, डूडगा में हाहाकार पीने को बूंद - बूंद को तरसे ग्रामीण।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ

कोरबा ( सुघर गांव )। जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम पंचायत धवाईपुर के आश्रित ग्राम डूडगा में नदी प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटघोरा नगर पालिका द्वारा शहर का दूषित पानी सीधे नदी में बहाया जा रहा है, जिससे नदी का जल पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है।

पीने के पानी का संकट, बीमारियों ने घेरा :-

ग्रामीण वर्षों से इसी नदी में झिरिया खोदकर पीने और निस्तारी के लिए पानी का उपयोग करते आ रहे हैं। अब पानी दूषित होने से गांव में डायरिया, हैजा, टायफाइड, पीलिया, त्वचा रोग, उल्टी-दस्त के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों में कुपोषण और कमजोरी की शिकायत भी सामने आ रही है।

नल-जल योजना कागजों पर, हकीकत में ‘सफेद हाथी :-

ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना के तहत गांव में पानी टंकी और पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन आज तक घरों में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। योजना केवल कागजों पर चल रही है।
भाजपा नेता ने जताई चिंता, कारखानों पर भी सवाल :-

भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक राजेश यादव ने मामले पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नदी को प्रदूषण मुक्त करने और स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के कुछ कारखानों द्वारा भी रासायनिक युक्त दूषित पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। अब यह पानी पशुओं के पीने लायक भी नहीं बचा है।

राजनीतिक बयानबाजी शुरू :-
 
इधर, कटघोरा के एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि समस्या की शुरुआत पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यकाल में नाला निर्माण के बाद हुई। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। नगर पालिका का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, पर संपर्क नहीं हो सका।
ग्रामीणों की मांग :-

भाजपा नेता राजेश यादव सहित ग्रामवासियों ने शासन से मांग की है कि नदी में दूषित पानी छोड़ना तत्काल रोका जाए, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो और गांव में टैंकर या अन्य माध्यम से स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए।

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