पीड़ित बिलासपुर में 'PF के बदले रिश्वत' कांड: कैमरे में कैद हुआ कमीशनखोर अफसर ! लेखा अधिकारी अरुण सिंह पर 'कमीशन' वसूली का आरोप, रिश्वत लेते वीडियो महासंघ के पास 7 दिन में सस्पेंड नहीं किया तो 'वीडियो बम' के साथ हाईकोर्ट जाएगा महासंघ, CBI जांच की मांग।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ 

बिलासपुर। 27 अप्रैल 2026 कोयला मजदूरों की जिंदगी भर की कमाई पर CMPFO बिलासपुर के लेखा अधिकारी ने 'कमीशन' का खुला खेल शुरू कर दिया है। सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ लेखा अधिकारी अरुण सिंह ठेका श्रमिकों से PF निकासी के बदले खुलेआम रिश्वत मांग रहे हैं। महासंघ ने दावा किया कि अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ कैमरे में कैद किया गया है।

पैसे दो तभी PF मिलेगा - मजदूरों का दर्द :-
  
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे ने क्षेत्रीय आयुक्त CMPFO बिलासपुर को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि लेखा अधिकारी अरुण सिंह द्वारा PF क्लेम पास करने के लिए "कमीशन" के नाम पर नकद राशि की मांग की जा रही है। हालात ये हैं कि जिन मजदूरों के सभी कागजात पूरे हैं, उनकी फाइलें भी महीनों से दफ्तर में धूल खा रही हैं। पीड़ित श्रमिकों ने बताया कि रिश्वत देने से मना करने पर उन्हें जानबूझकर कार्यालय के चक्कर कटवाए जाते हैं। रोजी-मजदूरी छोड़कर आए गरीब मजदूरों का यह सीधा-सीधा आर्थिक और मानसिक शोषण है। यह भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत संगीन अपराध है।

वीडियो बम तैयार CBI के सामने होगा खुलासा :-  

महासंघ ने सबसे बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके पास लेखा अधिकारी अरुण सिंह का एक पीड़ित श्रमिक से रिश्वत लेते हुए का हाई-क्वालिटी वीडियो साक्ष्य मौजूद है। जांच प्रभावित न हो और गवाहों की सुरक्षा के लिए वीडियो को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो सिर्फ CBI या CVC द्वारा नियुक्त निष्पक्ष जांच अधिकारी के सामने ही खोला जाएगा।

महासंघ का 72 घंटे का अल्टीमेटम :-

सर्व पत्रकार एकता महासंघ ने 4 सूत्रीय मांगों के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है ।

1. 72 घंटे में निलंबन :- आरोपी लेखा अधिकारी अरुण सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठाई जाए।  
2. FIR और गिरफ्तारी :- वीडियो साक्ष्य के आधार पर भ्रष्टाचार के केस में FIR दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी हो।  
3. 15 दिन में PF का भुगतान :- कार्यालय में अटके सभी PF प्रकरण 15 दिन में बिना एक रुपये रिश्वत के निपटाए जाएं।  
4. लिखित रिपोर्ट दो :- कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट 15 दिन में महासंघ को लिखित में सौंपी जाए।

अब आर-पार की लड़ाई, PMO तक जाएंगे :-

महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिन में आरोपी अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया तो वह वीडियो साक्ष्य के साथ माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में जनहित याचिका दायर करेगा। साथ ही प्रकरण को CBI रायपुर, CVC नई दिल्ली और PMO तक ले जाया जाएगा।

कोयला मंत्रालय से CM हाउस तक भेजी जाएगी शिकायत :-

इस पूरे मामले की शिकायत CMPFO आयुक्त धनबाद, सचिव कोयला मंत्रालय, CVO CMPFO, केंद्रीय सतर्कता आयोग, निदेशक CBI रायपुर, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, कलेक्टर बिलासपुर और SP बिलासपुर को रजिस्टर्ड डाक से भेज दी गई है।

CMPFO की संदिग्ध चुप्पी, मजदूरों में आक्रोश :-
  
खुलासे के 24 घंटे बाद भी CMPFO बिलासपुर कार्यालय ने आधिकारिक तौर पर चुप्पी साध रखी है। कोई भी अधिकारी कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं है। इधर पीड़ित श्रमिकों ने ऐलान किया है कि यदि एक सप्ताह में न्याय नहीं मिला तो हजारों मजदूर CMPFO कार्यालय का घेराव करेंगे।

मजदूर का PF लूटने वालों को जेल भेजकर रहेंगे - प्रमोद बंजारे
 
महासंघ अध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे ने कहा कि यह लड़ाई एक अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम में बैठे भ्रष्टाचार के खिलाफ है। गरीब मजदूर का PF उसका हक है, किसी अफसर की बपौती नहीं।

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