विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ
कोरबा (सुघर गांव) हरदी बाजार थाना क्षेत्र में सामने आए एक ताज़ा विवाद ने स्थानीय राजनीति में तीखी हलचल पैदा कर दी है। भाजपा के भिलाई बाजार मंडल अध्यक्ष दिनेश राठौर के खिलाफ सड़क रोकने, अभद्र व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला सत्ता के दुरुपयोग और स्थानीय स्तर पर बढ़ती कथित दबंगई को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
घटना क्या है? शिकायतकर्ता आनंद सिंह चौहान, जो पेशे से ड्राइवर हैं, ने आरोप लगाया कि 13 अप्रैल 2026 को वे अपने टिपर वाहन से रलिया से अंधियारिपारा की ओर जा रहे थे। रास्ते में दिनेश राठौर ने कथित रूप से उनका वाहन जबरन रुकवाया और आगे बढ़ने से रोका। विरोध करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे भयभीत होकर ड्राइवर को वापस लौटना पड़ा।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं हरदी बाजार थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296 और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दबदबे का आरोप और सायरन विवाद शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी अपने निजी वाहन में पुलिस सायरन का कथित उपयोग कर क्षेत्र में दबदबा बनाने और लोगों को भयभीत करने का प्रयास करते हैं। यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
राजनीतिक तापमान चढ़ा घटना के सार्वजनिक होते ही विपक्षी दलों ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। आरोप लगाया जा रहा है कि “जीरो टॉलरेंस” की बात करने वाली सरकार के ही पदाधिकारी कानून व्यवस्था को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। मामले को लेकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
संगठन पर भी उठे सवाल इस प्रकरण ने भाजपा संगठन के भीतर पदाधिकारियों के चयन और उनकी जवाबदेही को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी या विवाद को शांत करने की कोशिश होगी।
अन्य गंभीर आरोप भी चर्चा में स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि एसईसीएल गेवरा परियोजना से जुड़े मुआवजा मामलों में कथित अनियमितताएं हुई हैं, जिनमें आरोपी और उनके परिवार का नाम जोड़ा जा रहा है। साथ ही खनन कार्य से जुड़ी निजी कंपनियों के माध्यम से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों के लेन-देन के आरोप भी सामने आते रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है। आरोप गंभीर हैं, लेकिन उनकी पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। इतना तय है कि इस घटना ने न केवल हरदी बाजार, बल्कि पूरे कोरबा जिले की सियासत में उबाल ला दिया है।
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