विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ
कोरबा (सुघर गांव) जनप्रतिनिधि होने के साथ जमीन से जुड़े व्यक्तित्व की झलक एक बार फिर देखने को मिली, जब कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने व्यस्त कार्यक्रम के बीच कुछ पल प्रकृति के साथ बिताए। ग्राम पंचायत पुटा में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जाते समय सड़क किनारे ‘चार’ के पेड़ ने उनका ध्यान खींचा और वे खुद को रोक नहीं पाए।
रास्ते में रुके, प्रकृति से जुड़ाव दिखा विधायक पटेल ने अचानक वाहन रुकवाकर पेड़ से पके ‘चार’ तोड़े और वहीं खड़े होकर उनका स्वाद लिया। यह दृश्य उनके सहज और ग्रामीण परिवेश से गहरे लगाव को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर साझा किए भाव इस पल को उन्होंने फेसबुक पर साझा करते हुए लिखा— “ग्रामीण परिवेश की सादगी, प्राकृतिक सौंदर्य और आत्मीयता ने पुरानी यादों को ताजा कर दिया। ऐसे क्षण जीवन की भागदौड़ में सुकून और अपनापन देते हैं।” उनके इस संदेश को लोगों ने खूब सराहा।
जंगलों में फलों का मौसम, ग्रामीणों को सहारा वर्तमान समय में आम, तेंदू और ‘चार’ जैसे प्राकृतिक फल जंगलों में प्रचुर मात्रा में मिल रहे हैं। ग्रामीण इन फलों को तोड़कर सुखाते हैं और बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं।
‘चार’ से चिरौंजी तक, बाजार में ऊंची कीमत ‘चार’ फल को सुखाकर करीब 150 रुपए प्रति किलो तक बेचा जाता है, जबकि इसके बीज से बनने वाली चिरौंजी की कीमत बाजार में लगभग 2000 रुपए प्रति किलो है। इसका उपयोग खीर, हलवा जैसे व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
विधायक प्रेमचंद पटेल का यह सरल और आत्मीय अंदाज न सिर्फ लोगों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विकास के साथ अपनी जड़ों से जुड़ाव कितना जरूरी है।
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