जिला जांजगीर (चांपा सुघर गांव)शिवसेना जिला अध्यक्ष दिलेश्वर विश्वकर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर लोकसभा में हुए घटनाक्रम पर विपक्ष को कड़े शब्दों में घेरा है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कांग्रेस और इंडियन गठबंधन का इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति उनकी संकीर्ण और नकारात्मक सोच को उजागर करता है।
विश्वकर्मा ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़े ऐसे कानून किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य का विषय हैं। इस पर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि शिवसेना छत्तीसगढ़ प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के आह्वान पर पार्टी ने पूरे प्रदेश में आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने केंद्र सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक रूप से नई मजबूती मिलेगी, जबकि कांग्रेस ने वर्षों तक उनके अधिकारों को सीमित रखने का काम किया। मुख्य बिंदु
महिला सशक्तिकरण पर जोर विश्वकर्मा के अनुसार यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी देगा और लोकतंत्र को और सशक्त बनाएगा।
विपक्ष की भूमिका पर सवाल उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनका विरोध राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है, जो महिला हितों के खिलाफ है।
आंदोलन की रणनीति शिवसेना प्रदेशभर में जनजागरण और विरोध कार्यक्रम चलाकर इस मुद्दे को जनता तक पहुंचाएगी।
लोकतांत्रिक जवाब की चेतावनी उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति विपक्ष के इस रवैये को देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
इस बयान के बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्माने के आसार हैं।
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