डिजिटल जनगणना में कोरबा की पहल निकिता मुकेश जायसवाल ने दिखाई अग्रणी भूमिकासेल्फ-एन्यूमरेशन अपनाकर दिया तकनीकी जागरूकता का संदेश, जनता से भी की सहभागिता की अपील



विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो चीफ 

कोरबा (सुघर गांव) देश में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक और सशक्त कदम बढ़ाते हुए आगामी जनगणना को पूरी तरह आधुनिक और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला पंचायत कोरबा की उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल ने स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना (Self-Enumeration) पूरी कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका यह कदम न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने वाला है, बल्कि आम नागरिकों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता है। मुख्य बिंदु
 डिजिटल नेतृत्व की मिसाल निकिता मुकेश जायसवाल ने अपने निवास से ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जनगणना फॉर्म भरकर यह दर्शाया कि जनप्रतिनिधि यदि पहल करें, तो आमजन में भी जागरूकता तेजी से बढ़ती है। उनका यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देता है।
 जनता को तकनीक से जोड़ने की पहल उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे भी स्वयं गणना की इस सुविधा का लाभ उठाएं। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि गलतियों की संभावना भी कम होगी और डेटा अधिक सटीक बनेगा, जो विकास योजनाओं के लिए बेहद जरूरी है।
विकास योजनाओं की सटीक नींव जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही सरकार की नीतियों और योजनाओं का आधार होते हैं। डिजिटल माध्यम से एकत्रित डेटा तेजी से प्रोसेस होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक समय पर पहुंच सकेगा।
 क्षेत्र क्रमांक 07 में जागरूकता का संदेश क्षेत्र क्रमांक 07 की प्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने स्थानीय नागरिकों को यह संदेश दिया कि तकनीक को अपनाना आज की आवश्यकता है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आती है, बल्कि नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ती है।
 श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल "जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आधार है। डिजिटल माध्यम से स्वयं जानकारी दर्ज करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इससे हम एक सशक्त, सटीक और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।"

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