विपक्ष का तीखा हमला जवाबदेही को लेकर बढ़ा सियासी दबाव
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 01 अप्रैल 2026, छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। संसद के हालिया सत्र में कोरबा की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने इस गंभीर विषय को उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया। उनके हस्तक्षेप के बाद सदन में तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
प्रमुख तथ्य - संसद में गरमाया माहौल
दुर्ग,बलरामपुर और रायगढ़ में कथित अफीम खेती का मामला उठते ही सदन में हलचल तेज हो गई। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए हस्तक्षेप किया, लेकिन महंत ने युवाओं के भविष्य का हवाला देते हुए अपनी बात मजबूती से रखी।
सत्ता पर संरक्षण के आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में यह अवैध कारोबार राजनीतिक संरक्षण में फल-फूल रहा है। दुर्ग में भाजपा से जुड़े एक व्यक्ति के खेत में अफीम मिलने के बाद विपक्ष ने इसे गंभीर मिलीभगत का संकेत बताया।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासन की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं हुई,तो इसका असर युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा।
केंद्र का जवाब और आश्वासन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जारी है। छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। आने वाले समय में इस पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे।
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