प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ
कोरबा ( सुघर गांव ) जिले में निवासरत इंजीनियर रमाकांत श्रीवास ने जीवन और पेशे के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पर आधारित एक शानदार गजल लिखी है। यह गजल संघर्षों के बीच मुस्कुराकर आगे बढ़ने का काम पर ध्यान केंद्रित करने और सपनों को पूरा करने का संदेश देती है।
गज़ल :-
छोटी-छोटी चीज़ों में शिकायत नहीं करते,हम हालात से डरकर कभी बग़ावत नहीं करते।
जो टूटे वो सिखाए जो रुके वो समझाए,इंजीनियर वक़्त जाया फरियादों में नहीं करते।
शोर मचाना आसान है हर किसी के लिए, हम काम बोलने देते हैं सियासत नहीं करते।
दबाव हो या डेडलाइन,मुस्कुरा कर लेते हैं,हम छोटे मसलों को बड़ा आफत नहीं करते।
जो नहीं मिला आज,वो कल बना लेंगे,इंजीनियर सपनों से कभी शिकायत नहीं करते।
इंजी. रमाकांत श्रीवास कोरबा (छ.ग.)
साहित्यिक विशेषता :-
यह गजल इंजीनियर्स और कामकाजी पेशेवरों के लिए एक प्रेरणास्रोत है,जो सिखाती है कि बिना शिकायत किए मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है।
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