खबर का असर– मजदूरों के साथ शोषण व एचपीसी रेट में डॉका डालने वाले SECL मानिकपुर सर्वमंगला कंस्ट्रक्शन (SCC) कंपनी पर गिरी ग़ाज

खबर का असर– मजदूरों के साथ शोषण व एचपीसी रेट में डॉका डालने वाले SECL मानिकपुर सर्वमंगला कंस्ट्रक्शन (SCC) कंपनी पर गिरी ग़ाज 


जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो प्रमुख, छत्तीसगढ़ राज्य.

क्राईम रिपोर्ट कोरबा। ठेकाश्रमिकों को हाई पावर कमेटी की ओर से निर्धारित की गई एचपीसी दर/ मासिक पेमेंट में कटौती, सुरक्षा मानकों में अनदेखी, बंधवा मजदूरी, वैधानिक अधिकारों का हनन, मजदूरों के साथ शोषण करने वाले मानिकपुर एसईसीएल में कार्यरत सर्वमंगला कंस्ट्रक्शन(SCC) कंपनी के ऊपर जांच व कार्यवाही की गाज गिरी है। लंबे वर्षों से मजदूरों के साथ घोर अत्याचार व शोषण हो रहा था। जिस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिनांक 23.12. 2025 को SCC कंपनी के विरुद्ध कोरबा जिला प्रशासन से शिकायत कर कठोर कार्यवाही करने जांच की मांग की गई। दिनांक 06.02.2026 को कोरबा पुलिस अधीक्षक ने मामले पर आदेशित पत्र जारी करते हुए मानिकपुर सर्वमंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध तत्काल हस्तक्षेप के संबंध में जांच, नगर पुलिस अधीक्षक से कराया गया। चूंकि मामला एसईसीएल विभाग से संबंधित है। मामले की गंभीरता को नजर पर रखते हुए "दैनिक पत्रिका सुघर गांव ब्यूरो प्रमुख" व "social media activist" मिस्टर जावेद अली आजाद के द्वारा वर्तमान और पूर्व में भी मानिकपुर SCC कंपनी के विरुद्ध सबसे पहले खबर प्रकाशित की गई थी।


कोरबा पुलिस अधीक्षक के द्वारा आदेशित पत्र जारी होने के पश्चात नगर पुलिस अधीक्षक एक्शन मोड पर आ गई और मामले पर गंभीरता से जांच किया गया। यह देख साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (एसईसीएल) ने आनन–फानन में दिनांक 16.02.2026 को पत्र जारी करते श्रमिकों द्वारा प्रस्तुत शिकायत के सम्बन्ध में मेमर्स सर्वमंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी से 07 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।



मामला स्पष्ट है कि एसईसीएल के जवाबदार और जिम्मेदार अधिकारी जवाबदारियों से लगातार मुंह मोड़ते रहे हैं, जिसका फायदा कार्यरत निजी कंपनियां उठाती है और एसईसीएल अधिकारी संबंधित कंपनियों का सहयोग करते हैं। यह बात सिर्फ श्रमिकों के लिए नहीं अपितु पर्यावरण प्रदूषण सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, मजदूरों की बीमा योजना सुरक्षा अन्य मानको से बहुत पिछड़े है। हमारे सूत्रों के अनुसार अगली खबर में मानिकपुर अधिकारियों से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज, साक्ष्य सबूतों के साथ संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही कराने की बात कही गई है।

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