बिलासपुर ( सुघर गांव )। न्यायधानी के महंतबाड़ा में सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने शिरकत की, जिसमें संगठन की मजबूती और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।
प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति :-
बैठक में मुख्य रूप से संगठन के प्रदेश संरक्षक भागवत पात्रे, प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद बंजारे, प्रदेश उपाध्यक्ष केदारनाथ बरेठ, प्रदेश सचिव श्रवण घृतलहरे, प्रदेश संयुक्त सचिव शत्रुहन बंजारे, और प्रदेश कोषाध्यक्ष जगदीश घृतलहरे उपस्थित रहे,इसके अलावा, डोमन बंजारे (जिला सचिव बेमेतरा), नंदकुमार राजपूत, चंद्रवती बंजारे, लता गुप्ता, अनुराधा राव, विनोद नवरंग,समीर बंजारे और धरम वर्मा सहित कई सक्रिय सदस्य भी शामिल हुए।
बैठक के मुख्य बिंदु
संगठन विस्तार :-
छत्तीसगढ़ के सभी जिलों और ब्लॉक स्तर पर महासंघ का विस्तार करने पर सहमति बनी,पत्रकारों के हित में किए जाने वाले आगामी कार्यक्रमों और सम्मेलनों की योजना साझा की गई।
पत्रकार सुरक्षा :-
सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के द्वारा कार्यक्षेत्र में पत्रकारों को आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण पर गंभीर चर्चा हुई।
कार्यशैली एक नजर :-
सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों के लिए समर्पित एक सशक्त मंच है। इसकी कार्यशैली निम्नलिखित स्तंभों पर आधारित है जैसे -
एकजुटता और भाईचारा :-
यह महासंघ ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के पत्रकारों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है, ताकि संकट के समय सभी एक साथ खड़े रह सकें।
पत्रकार कल्याण :-
संगठन का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के मान-सम्मान की रक्षा करना और उनके सामाजिक व आर्थिक हितों के लिए शासन-प्रशासन से संवाद करना है।
संवैधानिक मर्यादा :-
महासंघ पूरी तरह से लोकतांत्रिक तरीके से संचालित होता है, जहाँ प्रत्येक पदाधिकारी और सदस्य की राय को महत्व दिया जाता है।
फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों को आने वाली कानूनी या प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए संगठन त्वरित रूप से सहयोग प्रदान करता है।
नैतिक पत्रकारिता को बढ़ावा :-
संगठन अपने सदस्यों के बीच सत्यनिष्ठ और जिम्मेदार पत्रकारिता के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यशालाएं और चर्चाएं आयोजित करता रहता है।
व्यापक सांगठनिक ढांचा :-
संघ जिला और ब्लॉक स्तर तक अपनी कार्यकारिणी का गठन कर रहा है, ताकि जमीनी स्तर के पत्रकारों से जुड़ा जा सके और उनकी समस्याओं को सुना जा सके। यह संगठन पत्रकारों के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न या अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है और उन्हें कानूनी या नैतिक सहायता प्रदान करने में सक्रिय रहता है। प्रदेश और जिला स्तर पर पत्रकार साथी नियमित बैठकें करते हैं, जिसमें पत्रकारिता की चुनौतियों और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है। केवल पत्रकारिता ही नहीं, बल्कि यह संगठन सामाजिक कार्यों और जनसेवा के माध्यम से भी प्रदेश में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यह संगठन खुद को एक 'परिवार' के रूप में मानता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा और उनकी गरिमा की रक्षा करना है।
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