कोरबा ग्राम पंचायत ख़म्हरिया में 2 माह से राशन नहीं मिलने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, खाद्य विभाग पर उठ रहे सवाल ।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ

कोरबा ( सुघर गांव )। जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत ख़म्हरिया (क्षेत्र क्रमांक 22) में पिछले दो महीनों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चावल नहीं मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है,कि ग्रामीणों ने विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 

मुख्य बातें :-

राशन की किल्लत :- 

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 2 महीनों से उन्हें कोटे का चावल नहीं दिया गया है, जिससे गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। विभाग का दावा बनाम हकीकत सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि खाद्य विभाग द्वारा पीडीएस का स्टॉक पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है। बावजूद इसके, हितग्राहियों तक राशन नहीं पहुँचना एक गंभीर लापरवाही या बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।

 ग्रामीणों का विरोध :- 

 इस अव्यवस्था को लेकर गाँव के प्रमुख व्यक्तियों ने अपनी आवाज बुलंद की है। विरोध करने वालों में द्वारिका भारद्वाज, प्रेमलाल लहरें, उतरी लहरे, वीरू भारद्वाज, रामलाल यादव, दिलेराम केवट, ज्वाला भारद्वाज, पुरुषोत्तम लहरे और रामकिशुन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं। 
प्रशासनिक स्थिति :-

छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुसार, वर्तमान में फरवरी 2026 माह के लिए वितरण प्रक्रिया जारी है और कई जिलों में दो महीने का राशन एकमुश्त देने के भी निर्देश हैं। ख़म्हरिया में चावल की अनुपलब्धता इन सरकारी दावों की जमीनी हकीकत पर सवालिया निशान लगा रही है। 

ग्रामीणों की मांग :-

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मांग की है,कि पिछले दो महीनों का बकाया राशन तुरंत वितरित किया जाए। राशन की कालाबाजारी या देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों/संचालकों पर कड़ी कार्रवाई हो।भविष्य में वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुचारू बनाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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