प्रभा सिंह तंवर का कोयला मजदूर हड़ताल को समर्थन,श्रमिक अधिकारों की लड़ाई को बताया अहम संघर्ष,नए श्रम कानून और निजीकरण पर सवाल, मजदूर एकता का किया आह्वान
विष्णु कुमार यादव, जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 13 फरवरी 2026,
जिले में कोयला श्रमिकों के अधिकारों को लेकर चल रहा आंदोलन गुरुवार को और मजबूत स्वरूप में सामने आया। महिला कांग्रेस ग्रामीण की जिला अध्यक्ष एवं कटघोरा ब्लॉक की पूर्व सभापति प्रभा सिंह तंवर ने 12 फरवरी को आयोजित कोयला श्रमिक हड़ताल को समर्थन देते हुए इसे मजदूर सम्मान, रोजगार सुरक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़ा महत्वपूर्ण संघर्ष बताया। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र अंतर्गत देव माइनिंग,कलिंगा, कंपनी सहित विभिन्न परियोजनाओं में चार
*प्रमुख श्रमिक संगठनों*
सीटू, एटक, इंटक और एचएमएस — के संयुक्त आह्वान पर हड़ताल और काम बंद आंदोलन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए।
*प्रभा सिंह तंवर का संदेश* प्रभा सिंह तंवर ने कहा कि प्रस्तावित चार नए श्रम कानूनों से स्थायी रोजगार के अवसर कम होने और ठेका प्रथा बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कोयला क्षेत्र में निजीकरण और एमडीओ मॉडल को स्थानीय युवाओं और विस्थापित परिवारों के भविष्य के लिए चुनौती बताते हुए श्रमिक हितों की रक्षा को आवश्यक बताया।
*पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर का वक्तव्य*
पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने कहा कि मजदूरों के हक और सम्मान की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। उन्होंने कांग्रेस की मजदूर हितों के प्रति संघर्षशील और प्रतिबद्ध नीति को श्रमिकों के लिए मजबूत आधार बताया।
*प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों के विचार*
संयुक्त महामंत्री हरीश परसाई ने कहा कि मजदूरों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और संगठित संघर्ष से ही अधिकार सुरक्षित रह सकते हैं। प्रदेश सचिव तनवीर अहमद ने श्रमिकों के रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को राष्ट्रीय विकास से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मजदूर आंदोलन को जनहित का संघर्ष बताया।
*आंदोलन में जनप्रतिनिधियों और श्रमिक नेताओं की भागीदारी* हड़ताल स्थल पर जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस प्रभा सिंह तंवर, पार्षद हर्षिता राजपूत, प्रशांति सिंह, जमुना राठौर, श्रमिक नेता गोपाल यादव, विशाल शुक्ला, अविनाश यादव, विकास शुक्ला, रामकुमार कंवर, रोशन निर्मलकर, खगेश निर्मालकर, रामनारायण पटेल और नंदकुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने श्रमिकों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान करते हुए भरोसा दिलाया कि मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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