हरदीबाजार विस्थापन और नहर मुआवजा बना बड़ा मुद्दा,आदर्श कॉलोनी विकसित करने के निर्देश

हरदीबाजार विस्थापन और नहर मुआवजा बना बड़ा मुद्दा,आदर्श कॉलोनी विकसित करने के निर्देश 
 कलेक्टर निरीक्षण के दौरान उठीं समस्याएं, एसडीएम को तत्काल समाधान के निर्देश
      विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो 
कोरबा (सुघर गांव)। 12 फरवरी 2026, जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा में हरदीबाजार विस्थापित परिवारों के लिए प्रस्तावित बसाहट स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत के दौरे के दौरान नहर मुआवजा और विस्थापन का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया। निरीक्षण के दौरान उपसरपंच राकेश जायसवाल ने प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को रखते हुए नहर मुआवजा सहित बसावट से जुड़ी दिक्कतों का जल्द निराकरण करने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम को फोन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
    बसाहट स्थल को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी 
निरीक्षण के दौरान हरदीबाजार के ग्रामीणों ने प्रस्तावित बसाहट स्थल को अंदरूनी क्षेत्र बताते हुए नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि स्थल तक पहुंच मार्ग, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने प्रशासन से किसी सुविधायुक्त और सुगम स्थान पर बसाहट उपलब्ध कराने की मांग रखी।
   भूमि उपलब्धता के आधार पर होगा निर्णय
 ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया कि शासन के पास जहां उपयुक्त भूमि उपलब्ध होगी, वहीं विस्थापित परिवारों को बसाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
    आदर्श कॉलोनी विकसित करने के निर्देश
 कलेक्टर ने एसईसीएल अधिकारियों को चिन्हांकित भूमि पर सुव्यवस्थित सेक्टर बनाकर आदर्श कॉलोनी विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चौड़ी सड़कें, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, स्ट्रीट लाइट,पहुंच मार्ग सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही ग्राम उतरदा की सड़कों के सर्वे और मरम्मत कार्य कराने के निर्देश भी दिए।
        निरीक्षण के दौरान 
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल,जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल,वरिष्ठ भाजपा नेता नरेश टंडन, सरपंच प्रतिनिधि सुंदर सिंह मरावी,उपसरपंच राकेश जायसवाल, ग्राम पंचायत सचिव ईश्वर सिंह पोर्ते, एसईसीएल दीपका के महाप्रबंधक संजय मिश्रा,अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम रोहित सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं अधिक संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अब प्रशासन के अंतिम निर्णय पर विस्थापित परिवारों की नजरें टिकी हुई हैं।

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