धतुरा में धर्म,संस्कार और कर्मयोग का संदेश, महाराज व अतिथियों ने व्यक्त किया आभार
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 04 फरवरी 2026,जिले अंतर्गत पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत ग्राम धतुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी,जहां धर्म,आध्यात्म और कर्मयोग का संदेश हर कोने तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि निकिता मुकेश जयसवाल जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने कथा वाचन कर रहे महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रथम बार भागवत कथा का आयोजन करने वाले पं. नितेश दुबे जी को बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
निकिता मुकेश जयसवाल – कर्म प्रधानता का संदेश
निकिता मुकेश जयसवाल ने जीवन में कर्म की प्रधानता पर जोर देते हुए कहा कि व्यक्ति का जीवन उसके कर्मों से ही महान बनता है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए कहा - “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥” अर्थात हमें केवल कर्म करने का अधिकार है, फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा— “योगः कर्मसु कौशलम्।” कर्म को निष्ठा और कुशलता से करना ही सच्चा योग है और समाज निर्माण में यही आधार बनता है।
डॉ.दुर्गेश कश्यप – संस्कार और संस्कृति से जुड़ाव डॉ.कश्यप ने भागवत कथा को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का स्तम्भ बताया। उन्होंने आयोजकों व श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हुए समाज में सकारात्मक ऊर्जा और धर्म की शक्ति का संदेश दिया।
अमरनाथ कौशिक – सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश
अमरनाथ कौशिक ने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
महाराज जी – जीवन में धर्म और भक्ति का मार्ग
कथा वाचन कर रहे महाराज जी ने भागवत कथा को जीवन का मार्गदर्शन बताया और सभी को धर्म, भक्ति और सेवा की राह पर चलने का संदेश दिया।
पं.नितेश दुबे – प्रथम भागवत कथा के आयोजक
पं.नितेश दुबे द्वारा प्रथम बार भागवत कथा आयोजित करने पर सभी ने उन्हें बधाई दी और उज्जवल भविष्य की कामना की। इस आयोजन ने न केवल धर्म और आस्था को मजबूती दी, बल्कि कर्मयोग, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश भी पूरे समाज में गूंजाया।
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