जल, जंगल और जमीन बचाने में जनप्रतिनिधियों व प्रशासन का सामूहिक संदेश
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 03 फरवरी 2026, जिले के पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत रतखंडी में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित अग्नि सुरक्षा कार्यशाला ने जंगलों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जनचेतना की नई ऊर्जा भर दी।
प्रमुख बिंदु -
जंगल सुरक्षा जन जिम्मेदारी – विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने कहा कि वन क्षेत्र जीवनरेखा हैं और उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से आगजनी रोकने और वन सुरक्षा अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य – जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने वन सुरक्षा अभियानों को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। ग्रामीण आजीविका का आधार हैं जंगल – अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाली सत्यनारायण पैकरा ने जंगलों को पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बताया। उन्होंने आगजनी रोकने और किसी भी घटना की तुरंत सूचना प्रशासन को देने का संदेश दिया। वन संपदा की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी – सभापति विजय प्रभात कंवर ने कहा कि वन संपदा आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है और इसका संरक्षण सामूहिक प्रयास से ही संभव है। युवाओं की भागीदारी – जनपद सदस्य अंशुल सिंह ने युवाओं को अग्नि सुरक्षा अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। अग्नि सुरक्षा उपाय और सतर्कता – जनपद सदस्य दिलीप सिंह कंवर ने ग्रामीणों को आग रोकने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी और सतर्क रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जंगलों में आग लगने के विनाशकारी प्रभावों को जीवंत रूप में दिखाया गया। समापन पर सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
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