फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ कोरबा में गूंजा समाज का स्वर

फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ कोरबा में गूंजा समाज का स्वर 
 सर्व यादव समाज ने कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली, राष्ट्रपति–प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
      विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
 कोरबा (सुघर गांव)। 27 फरवरी 2026, 
जिले में फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कोरबा में सर्व यादव समाज के बैनर तले व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। जिला यादव समाज के नेतृत्व में समाज के सैकड़ों लोगों ने आईटीआई चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर प्रशासन को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रैली शांति पूर्ण और अनुशासित रही,जिसमें समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं महिलाएं अधिक संख्या में शामिल हुईं। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक सौहार्द,समाज की गरिमा और सांस्कृतिक संवेदनशीलता बनाए रखने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
 27 फरवरी 2026 को प्रस्तावित प्रदर्शन पर आपत्ति जिलाध्यक्ष नाथू लाल यादव ने बताया कि फिल्म का प्रदर्शन 27 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है। समाज का कहना है कि फिल्म की कथावस्तु एक काल्पनिक प्रेम प्रसंग पर आधारित है,जिसे समाज की भावनाओं के प्रतिकूल माना जा रहा है। उनका आरोप है कि फिल्म के शीर्षक और कहानी से समाज की बहन-बेटियों की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। समाज प्रतिनिधियों ने आशंका जताई कि यदि फिल्म का प्रदर्शन बिना समीक्षा के किया गया तो इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
    केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग
 ज्ञापन में माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, फिल्म विकास बोर्ड के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री तथा श्रम एवं सहकारिता मंत्री से मामले में संज्ञान लेकर फिल्म की विषयवस्तु की जांच कराने और आवश्यक होने पर प्रदर्शन से पूर्व रोक लगाने की मांग की गई है। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर उसे संबंधित स्तर तक भेजने का आश्वासन दिया है।
   लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराया गया विरोध 
सर्व यादव समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहा। समाज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं और चिंताओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है।
     प्रमुख रूप से उपस्थित रहे समाज जन 
विरोध प्रदर्शन में अधिक संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में नाथू यादव, केदार यादव, चंद्रमणि यादव, कमल नारायण यादव, महावीर यादव, विनोद यादव, सतीश यादव, बजरंगी यादव, कन्हैया यादव, ओम यादव, बृजेश यादव, अनूप यादव, दुर्गेश यादव, अजय यादव, रमेश यादव, कमद यादव, गीता यादव, सुनीता यादव, शांति यादव, गुड़िया यादव, चमेली यादव, गायत्री यादव, सरोज यादव, संतोषी यादव सहित अन्य सदस्यगण शामिल रहे।
          आगे की रणनीति पर मंथन
 समाज के प्रतिनिधियों ने संकेत दिया कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर रणनीति तैयार की जाएगी। फिलहाल समाज प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है।

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