विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 22 फरवरी 2026, जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) परीक्षा–2024 के अंतिम परिणाम घोषित हुए और उसमें जिले की प्रतिभाशाली बेटी एंजेल सिंह ने सफलता हासिल कर सिविल जज पद पर चयनित होकर नया इतिहास रच दिया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
मेहनत लगन और लक्ष्य की स्पष्टता ने दिलाई जीत
एंजेल सिंह वरिष्ठ पत्रकार रवि पी.सिंह और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला (बालको) की सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती रत्नप्रभा सिंह की सुपुत्री हैं। दुरपा रोड निवासी एंजेल बचपन से ही मेधावी रहीं और विधि क्षेत्र में कुछ अलग कर दिखाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ीं। परिवार का मार्गदर्शन, शिक्षकों का आशीर्वाद और स्वयं की कड़ी मेहनत—इन तीन स्तंभों ने उनकी सफलता की मजबूत नींव रखी। परिणाम घोषित होते ही उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। पत्रकार, शिक्षक,अधिवक्ता और समाज सेवी वर्ग ने इस उपलब्धि को कोरबा के लिए ऐतिहासिक बताया।
परीक्षा प्रक्रिया रही चुनौती पूर्ण और पारदर्शी
आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कुल 57 पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी। मुख्य परीक्षा - 21 दिसंबर 2025, साक्षात्कार - 10 से 20 फरवरी 2026, कुल साक्षात्कारार्थी - 183 सभी अभ्यर्थी उपस्थित और पात्र पाए गए।मुख्य सूची के साथ अनुपूरक (वेटिंग) सूची भी जारी की गई।, चयन सूची में महिलाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंजुम आरा ने प्रथम,शिवांगी तिवारी ने द्वितीय और आयुष चौरसिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
“न्याय सेवा ही मेरा लक्ष्य” – एंजेल सिंह
अपनी सफलता पर एंजेल सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता के त्याग और मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि न्यायिक सेवा में प्रवेश कर वे निष्पक्ष और संवेदनशील न्याय देने का प्रयास करेंगी। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो सफलता अवश्य मिलती है।
जिले में उत्सव जैसा माहौल
एंजेल सिंह के सिविल जज बनने की खबर से कोरबा में खुशी की लहर दौड़ गई। पत्रकारिता जगत,शिक्षा क्षेत्र और आम नागरिकों ने इसे जिले की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अंतर्गत नियुक्ति मिलने के बाद अब एंजेल न्यायिक सेवा के माध्यम से समाज को नई दिशा देंगी। उनकी सफलता ने जिले की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया है।
कोरबा को अपनी बेटी पर गर्व
एंजेल सिंह की यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे कोरबा जिले के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बन गई।
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