छत्तीसगढ़ में ‘महतारी शक्ति’ का सशक्त उदय
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 20 फरवरी 2026, छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शी पहल ‘महतारी सदन’ योजना अब ग्रामीण अंचलों में बदलाव की बयार बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ा रही है। यह योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने का सशक्त माध्यम बन रही है।
29 लाख से अधिक की लागत,विकास का मजबूत आधार
प्रत्येक महतारी सदन के निर्माण पर लगभग 29.13 लाख रुपये व्यय किए जा रहे हैं। 15 वें वित्त आयोग और मनरेगा के अभिसरण से तैयार हो रहे ये भवन प्रदेश की बड़ी ग्राम पंचायतों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किए जा रहे हैं।
लालएक ही छत के नीचे आधुनिक सुविधाएं
महतारी सदन महिलाओं के लिए ‘कॉर्पोरेट कार्यस्थल’ की तर्ज पर विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ - उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र सिलाई, अगरबत्ती, हस्तशिल्प आदि का प्रशिक्षण व उत्पादन शिशु गृह (क्रेच) कामकाजी माताओं के बच्चों के लिए सुरक्षित व्यवस्था। डिजिटल हब,कंप्यूटर व इंटरनेट सुविधा, डिजिटल भुगतान व ऑनलाइन सेवाएं। बिक्री केंद्र स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री की सुविधा।
*आत्मनिर्भरता की नई पहचान*
महतारी सदन महिलाओं को सुरक्षित वातावरण,सामूहिक निर्णय और आर्थिक उन्नति का मंच प्रदान कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है— जब मातृशक्ति सशक्त होगी, तभी समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।
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