श्मशान घाट की पवित्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, आदिवासी एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने का निर्णय, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग

श्मशान घाट की पवित्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, आदिवासी एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने का निर्णय, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग 
 रायपुर (सुघर गांव)। 25 जनवरी 2026, सरजू बांधा नया तालाब स्थित श्मशान घाट (मुक्तिधाम) परिसर में लगातार हो रही अव्यवस्थाओं और पवित्र स्थलों के अपमान को लेकर आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। कृष्ण मित्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि टिकरापारा थाना एवं आदिवासी थाना में आदिवासी एक्ट के तहत विधिवत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
 श्मशान घाट में जबरन घुसपैठ,तोड़फोड़ और अपमान जनक कृत्य 
बैठक में बताया गया कि कुछ उत्पाती बच्चे और असामाजिक तत्व पतंग या अन्य बहानों से श्मशान घाट परिसर में जबरन प्रवेश करते हैं। इसके बाद वे आदिवासी समाज के मठों में टट्टी-पेशाब करते हैं,मठों में तोड़फोड़ करते हैं,मृत्यु संस्कार में उपयोग होने वाले रूपा,गैंती,कुदारी जैसे औजारों की चोरी करते हैं, इन कृत्यों को समाज ने सीधे-सीधे पूर्वजों और पुरखों का अपमान बताया।
 नशेड़ियों और शराबियों का जमावड़ा बना बड़ी समस्या
समाज प्रमुखों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरजू बांधा नया तालाब के किनारे नशेड़ियों और शराबियों का जमावड़ा रहता है,नशे की हालत में ये लोग मुक्तिधाम परिसर में अनधिकृत प्रवेश करते हैं, वहां उत्पात मचाकर धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, यह स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन अब इसे और सहन नहीं किया जाएगा।
 "पुरखों का अपमान नहीं सहेगा हिंदू समाज" 
बैठक में उपस्थित सभी समाज प्रमुखों और पदाधिकारियों ने एक स्वर में।

Post a Comment

0 Comments