प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ
कोरबा ( सुघर गांव )। एस.ई.सी.एल. (SECL) गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमगांव, दर्शखांचा और रलिया के अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के भू-विस्थापित परिवारों ने जिला प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुआवजे की राशि रोकने और अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवारों ने बजरंग चौक सरईसिंगार और अमगांव चौक बाईपास (दीपका मार्ग) पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम आंदोलन की चेतावनी दी है।
अधिकारियों पर गंभीर आरोप, पुलिस पर पक्षपात का दावा
भू-विस्थापितों का आरोप है कि उनके मकानों का सर्वे और नापी होने के बावजूद SECL गेवरा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) एस. के. मोहंती, नरसिम्हाराव, शिखर चौहान, आशुतोष शुक्ला, रश्मि सिंह और के. के. धांधी द्वारा मुआवजे की राशि का भुगतान रोक दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जा रहे हैं। आजाक थाने की कार्रवाई पर सवाल पीड़ितों ने बताया कि इस मामले में अजाक (AJAK) थाना कोरबा में शिकायत दर्ज कराई गई थी। लेकिन थाना प्रभारी द्वारा गवाही लेने के बाद मामले को बिना किसी ठोस कार्रवाई के बंद कर दिया गया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने अब शासन-प्रशासन और SECL प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।
भीम आर्मी और सांसद चंद्रशेखर आजाद को भेजी गई प्रतिलिपि भू-विस्थापितों ने कलेक्टर कोरबा को सौंपे गए अपने ज्ञापन की प्रतिलिपि भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद 'रावण', महाप्रबंधक खनन विभाग, और स्थानीय पुलिस थानों को भी भेजी है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि दलित, आदिवासी और गरीब किसान परिवारों के साथ हो रहे इस अन्याय के कारण वे कभी भी दीपका बाईपास मार्ग पर चक्काजाम कर सकते हैं। आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना या अव्यवस्था के लिए पूरी जिम्मेदारी SECL गेवरा प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी।
मुख्य मांगें
मकानों के सर्वे उपरांत रुकी हुई मुआवजा राशि का तत्काल भुगतान।
प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों पर उचित कानूनी कार्यवाही।
भू-विस्थापित परिवारों का विधिवत पुनर्वास।
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