फर्जी FIR पर समस्त कोल माइंस (एसईसीएल) का काम करेंगे बंद, होगा विशाल जनांदोलन– छत्तीसगढ़िया क्रान्तिसेना
जावेद अली आज़ाद/ छत्तीसगढ़ राज्य ब्यूरो.
कोरबा। कोरबा जिले के कुसमुंडा थाने में छत्तीसगढ़िया क्रान्तिसेना के सेनानियों के ऊपर हुए फर्जी FIR होने और सदस्यों तथा सेनानियों को जेल भेजे जाने पर यह मामला तूल पकड़ चुकी है। संगठन ने सीधा आरोप लगाया है रोजगार देने के नाम पर छत्तीसगढ़िया स्थाई निवासियों की उपेक्षा कर एसईसीएल और निजी कंपनी ने थाने में फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीकेएस संगठन का आरोप है कि कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय में पुलिस के समक्ष त्रिपक्षीय वार्ता होने दौरान नीलकंठ कंपनी बेरोजगारों को रोजगार दिलाने की बात कही थी परंतु उस बात से मुकर गई। जिस संबंध में आंदोलन के दौरान आंदोलनकर्ताओं को आंदोलन करने से पहले कुसमुंडा पुलिस ने हिरासत में ले ली। और फर्जी धाराओं में संलिप्त करते हुए संगठन के पांच कार्यकर्ताओं को जेल पहुंचाने का फर्जी काम पुलिस ने किया है। आरोप यह भी है कि जो व्यक्ति आंदोलन में शामिल नहीं थे उन्हें गुनहगार बनाते हुए थाने में फर्जी रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई गई है।
आज जिला कोरबा के कुसमुंडा क्षेत्र में विराजमान छत्तीसगढ़ महतारी अंगना के प्रांगण में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (ग़ैर राजनीतिक संगठन) ने फर्जी एफआईआर और अन्य विषयों पर विशेष चर्चाएं की गई। संगठन के द्वारा कहा गया है कि फर्जी केस में सेनानियों को जेल भेजी गई है अगर इस विषय पर पुलिस प्रशासन के द्वारा निष्पक्ष जांच और फर्जी FIR दर्ज कराने वाले व्यक्ति के ऊपर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो फिर इस आंदोलन से ज्यादा और आने वाले समय की आंदोलन और भी उग्र होगी।
समस्त कोयला खदानों का होगा कामबंद–
जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़िया क्रान्तिसेना कोरबा जिले के सभी कोयला खदानों का काम बंद करने के फिराक में है। जिन में प्रमुख रूप से secl मानिकपुर, कुसमुंडा, दिपका, गेवरा, अन्य समस्त खदानों का कोयला, मिट्टी प्रोजेक्ट, डिस्पैच का काम पूरी तरह से बंद कर जिले में जन सैलाब निकलने की आशंका जताई गई है। एसईसीएल जिले के भू विस्स्थापितों व स्थाई निवासियों को अगर रोजगार उपलब्ध नहीं कराती है तो आने वाले समय में कोयले की संकट छत्तीसगढ़ राज्य में देखने को मिलेगी। वहीं दूसरी ओर संबंधित क्षेत्रों में कार्य कर रहे मजदूर और ग्रामीणों का किसी भी शासकीय और प्रशासनिक विभागों से सहयोग नहीं मिलने के कारण आरोप है कि चुनावी दौर में राजनीतिक सत्ता में बैठे सफेदपोश नेताओं की कुर्सी गिरनी तय है।
इस बैठक में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी,जिला संयोजक अतुलदास महंत,जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो,जिला सचिव विनोद सारथी,खेम साहू,कन्हैया सुंदर,नरेश महंत,हेमंत,संदीप दिवान,देवनाथ, सेवाराम,अशोक, प्रमोद चंद्रा एवं सैकड़ों की संख्या में सेनानी व मजदूर उपस्थित हुए थे।

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