सामाजिक एकता, संस्कृति और परंपरा का अनुपम महोत्सव
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 09 दिसंबर 2025, जिले अंतर्गत के कटघोरा क्षेत्र ने उस दिन एक ऐसा अद्भुत दृश्य देखा,जब सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता एक ही मंच पर साकार स्वरूप में उपस्थित थीं। सारथी समाज द्वारा भव्यता और ऐतिहासिक उत्साह के साथ मनाई गई ब्रम्हर्षि सूत जयंती न सिर्फ एक उत्सव था, बल्कि समाज की संस्कृति, अनुशासन और समर्पण का प्रेरणादायी प्रतीक बन गई।हजारों समाजजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक अलौकिक भव्यता प्रदान की—जहाँ हर चेहरा गर्व से दमक रहा था और हर हृदय सामाजिक एकता के सुर में धड़क रहा था।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रद्धा और सम्मान का अनोखा क्षण
जयंती समारोह की शुरुआत ब्रम्हर्षि सूत जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना के साथ हुई। वातावरण भक्ति और समर्पण से ओत-प्रोत हो उठा, मानो समाज अपने आराध्य के चरणों में सामूहिक प्रण अर्पित कर रहा हो।
गरिमामयी उपस्थिति प्रमुख अतिथियों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रेमचंद पटेल,नगर पालिका उपाध्यक्ष लाल बाबू ठाकुर,किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष अशोक तिवारी, डाकेश्वर शुक्ला तथा भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विधायक प्रेमचंद पटेल का प्रेरक संबोधन
ब्रम्हर्षि सूत जी के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान। समाज में शिक्षा,जागरूकता और नशा मुक्ति को बढ़ावा देने पर जोर। मुक्तिधाम स्थल पर हाता-बाउंड्री वॉल निर्माण की माँग पर सकारात्मक आश्वासन। सूत जयंती को राजकीय अवकाश घोषित करने हेतु समाज के प्रस्ताव को शासन तक पहुँचाने का वचन।,
उनका संबोधन समाज को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करने वाला रहा।
सूत समाज की एकजुटता अनुकरणीय उदाहरण
नव–निर्वाचित समाजाध्यक्ष श्री दिलहरण सारथी द्वारा ब्रम्हर्षि सूत जी के जीवन आदर्शों पर आधारित प्रभावी उद्बोधन ने सभी को गहराई से प्रभावित किया। उपाध्यक्ष श्यामलाल बघेल और वेदूराम सरथी ने समाज के सामूहिक विकास और एकता पर बल देते हुए सभी को संगठित रहने का संदेश दिया। सभी अतिथियों का पारंपरिक शाल-श्रृंगार और प्रतीक चिन्ह के साथ उत्साह पूर्वक स्वागत किया गया, जो समाज की आदर भावना का प्रतीक रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन अशोक तिवारी (अध्यक्ष, किसान मोर्चा मंडल) द्वारा अत्यंत संयमित और प्रभावशाली ढंग से किया गया।
जिले भर में उत्सव की गूंज
केवल कटघोरा ही नहीं, बल्कि कोरबा जिले के पोड़ी, कांजीपानी, पंडरीपानी, गोपालपुर समेत कई गाँवों में भी भारी उत्साह के साथ सूत जयंती मनाई गई।
विशेष रूप से पंडरीपानी–गोपालपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री रजक की उपस्थिति प्रेरणादायी रही। समाज के समर्पित योगदानकर्ता इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कई पदाधिकारियों एवं समाजजनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनमें प्रमुख रूप से - भोलू सारथी, जुगरी बाई, मीना बाई, लगनी बाई पुलाली, इत राम सारथी (सलाहकार), सुखदेव पोड़ी, पुलाली, भक्कू राम, भीम सारथी, नंदलाल सारथी, अमृतलाल सारथी, राजू प्रसाद सारथी तथा अन्य सम्मानित महिला–पुरुषों का योगदान उल्लेखनीय रहा।
उत्सव का सार एकता श्रद्धा और गौरव का संदेश
इस वर्ष की ब्रम्हर्षि सूत जयंती ने यह सिद्ध कर दिया कि सूत समाज न केवल एकजुट है, बल्कि विकास, शिक्षा और सामाजिक उत्थान की दिशा में दृढ़तापूर्वक अग्रसर है। युवाओं की ऊर्जा, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और वरिष्ठों का आशीर्वाद,इन सभी ने मिलकर इस आयोजन को एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
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