सभापति सुष्मिता कमलेश अनंत का जनता-केंद्रित नेतृत्व अधूरे कार्यों पर कड़ी चेतावनी,शासन की पारदर्शिता को बनाया प्राथमिकता
विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 21 दिसंबर 2025, जिले में सुशासन सप्ताह के अवसर पर जिला पंचायत कोरबा की सभापति सुष्मिता कमलेश अनंत ने पंचायतों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सचिवों और सरपंचों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अधूरे और अपूर्ण कार्य अब बर्दाश्त नहीं होंगे और इन्हें समय-सीमा के भीतर पूरा करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सीधे निरीक्षण की चेतावनी
सभापति ने कहा कि वे खुद जिले की सभी पंचायतों का दौरा करेंगी। किसी भी लापरवाही पर संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि के खिलाफ उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
समस्या समाधान में सहयोग
कार्य पूरा करने में यदि कोई कठिनाई आ रही है तो तुरंत जानकारी दें,ताकि समस्या का समाधान उच्च स्तर पर किया जा सके।
जनता के प्रति जिम्मेदारी
सुष्मिता का मानना है कि शासन की मूलभूत सुविधाएं हर नागरिक तक सही समय पर पहुंचनी चाहिए और पंचायत स्तर पर कार्यों का पारदर्शी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
साहसी और निष्पक्ष नेतृत्व
उनका नेतृत्व साहसी,ईमानदार और जनता-केंद्रित है,जो स्थानीय प्रशासन में नई ऊर्जा भर रहा है।
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
सभापति ने जिला CEO और प्रशासनिक अधिकारियों से सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
संक्षेप में
सुष्मिता कमलेश अनंत का संदेश स्पष्ट है – कोरबा की पंचायतें पारदर्शी,समयबद्ध और जनता के प्रति जवाबदेह होंगी। उनका नेतृत्व निष्पक्षता और सेवा की मिसाल बन चुका है।
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