विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 16 दिसंबर 2025, जिले में भीषण गर्मी के बीच ग्राम पंचायत हरदीबाजार इस समय गंभीर पेयजल संकट की चपेट में है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो गया है। शासन स्तर से प्रतिदिन पर्याप्त टैंकरों के जरिए जल आपूर्ति के निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन आदेशों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, निर्धारित संख्या में पानी के टैंकर गांव तक नहीं पहुंच रहे हैं। जहां रोजाना पर्याप्त टैंकरों से जल आपूर्ति होनी चाहिए, वहां कभी-कभार ही कुछ टैंकर भेजे जा रहे हैं। कई बार तो लगातार दिनों तक पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं होती।
खनन और ब्लास्टिंग से सूखे जल स्रोत
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास चल रही खनन गतिविधियों और तेज ब्लास्टिंग के कारण गांव के कुएं, हैंडपंप और अन्य प्राकृतिक जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में टैंकर से मिलने वाला पानी ही ग्रामीणों की आखिरी उम्मीद था, लेकिन अव्यवस्था ने इस सहारे को भी कमजोर कर दिया है।
पंचायत ने उठाई आवाज
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्राम पंचायत हरदीबाजार ने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है। पत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था में भारी लापरवाही का उल्लेख करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। पंचायत का आरोप है कि जिम्मेदार ठेकेदार न तो आदेशों का पालन कर रहा है और न ही शिकायतों पर कोई ध्यान दे रहा है।
संपर्क के बाद भी नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ठेकेदार और उसके कर्मचारियों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। वास्तविक रूप से पानी की आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ,जिससे लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीर जनहित का विषय मानते हुए तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं। दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए और गांव में नियमित व पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब तक इस विकराल समस्या पर संज्ञान लेता है और हरदीबाजार के लोगों को पानी के इस संकट से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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