सतनाम विकास समिति अध्यक्ष मुकेश रात्रे के नेतृत्व में भव्य सतनाम संदेश शोभयात्रा का किया गया आयोजन जिसमें कोरबा व जांजगीर चांपा जिला के सतनामी समाज हुए शामिल, बाबा गुरु घासीदास जी का संदेश को विस्तार से लोगों के बीच पहुचाने का भरपूर प्रयास।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ 

कोरबा ( सुघर गांव ) । जिले के पाली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जोरहा डबरी में निवासरत सतनाम विकास समिति अध्यक्ष मुकेश रात्रे के नेतृत्व में भव्य सतनाम संदेश शोभयात्रा का आयोजन किया गया जिसमें कोरबा व जांजगीर चांपा जिला के सतनामी समाज सैकड़ो की संख्या में शामिल हुए,आपको बता दे,कि समाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा की पुण्यतिथि पर कोटि - कोटि नमन किया और बोले गुरु घासीदास जयंती हर साल 18 दिसंबर को मनाया जाता है,और इस साल 18 दिसम्बर 2025 को भारी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है,बताया जाता है सतनाम पंथ के संस्थापक और महान समाज सुधारक थे। संत गुरु घासीदास बाबा के जन्मदिन का प्रतीक है, जिन्होंने "मनखे - मनखे एक समान"( सभी मनुष्य एक समान हैं ) का संदेश दिया और सामाजिक कुरीतियों, जैसे जातिवाद और भेदभाव को खत्म करने के लिए काम किया, इस दिन छत्तीसगढ़ में बड़े उत्साह से सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रार्थनाएँ होती हैं, और कई जिलों में इसे 'नशा मुक्ति अभियान' (शराब की बिक्री बंद) भी घोषित किया जाता है। 18 दिसंबर को हमारे समाज के कुलगुरु गुरु घासीदास बाबा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में, जिन्होंने सतनाम पंथ की स्थापना की और समानता, सत्य,अहिंसा का प्रचार किया,गुरु घासीदास बाबा जी का जन्म 1756 में छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में हुआ था. मूर्ति पूजा का खंडन,पशु बलि का विरोध,व्यसन से मुक्ति, और सभी मनुष्यों के लिए समानता का संदेश दिए है। आपको बता दे,कि छत्तीसगढ़ में बड़े - बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, जुलूस और प्रवचन होते हैं, और राज्य में इसे एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है.गुरु घासीदास बाबा ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव को मिटाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया,और उनका 'मनखे-मनखे एक समान' का नारा आज भी मानवता और समरसता का प्रतीक माना जाता है।

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