विष्णु कुमार यादव जिला ब्यूरो
कोरबा (सुघर गांव)। 06 दिसंबर 2025, जिले के पाली ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत धतुरा के 02 होनहार युवाओं श्रीराम कौशिक और रामभोला कौशिक ने इतिहास रच दिया। बिलासपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कर-कमलों से श्रीराम कौशिक को BCA में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर स्वर्ण पदकऔर प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
संघर्ष से सफलता तक
साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले श्रीराम के पिता मूड़ापार बारूद फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। माता-पिता के आशीर्वाद और अथक परिश्रम से श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई जारी रखी और BCA में गोल्ड मेडल हासिल कर परिवार,समाज और धतुरा का नाम रोशन किया।
तकनीक में चमकता नाम
श्रीराम के चाचा के पुत्र रामभोला कौशिक वर्तमान में नोएडा की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं। दोनों भाइयों की यह संयुक्त उपलब्धि धतुरा के लिए गौरव का सुनहरा अध्याय है।
धतुरा में भव्य स्वागत
स्वर्ण पदक प्राप्ति के बाद गाँव में पहली बार राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से सम्मानित होने पर ग्रामीणों ने आतिशबाजी,ढोल-ताशे और शोभायात्रा के साथ दोनों का स्वागत किया। दोनों भाइयों ने माँ महामाया मंदिर में पूजा कर आशीर्वाद लिया।
सम्मान समारोह
ग्राम प्रमुखों सरपंच श्रीमती बृजबाई मरकाम,श्रीमती राजिन बाई कौशिक ने अंगवस्त्र और माला पहनाकर सम्मानित किया। दुर्गेश कश्यप ने कहा कि मजदूर परिवार से आकर स्वर्ण पदक लाना पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। अमरनाथ कौशिक, महामंत्री भाजपा मंडल हरदीबाजार ने भगवान श्रीराम का चित्र भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी। पं. दयानंद शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन किया।
भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों का उत्साह
समारोह में पितर सिंह मरकाम,बिपत राम कौशिक, घासी सिंह, ज्ञानेंद्र कौशिक, कमल किशोर, सत्य, रामधन, मुकेश कौशिक, विजय, रामेश्वर, भागवत कश्यप, तीजराम, मिलेराम, शीतल, विष्णु, छोटेलाल, दौलत, भुनेश्वर, केशुभाई, रामगोपाल, रॉकी, शिव सहित समस्त पंचगण और सैकड़ों ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
धतुरा के लिए नया स्वर्णिम अध्याय
यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे धतुरा का गौरव है। श्रीराम और रामभोला कौशिक ने साबित किया कि संकल्प, संघर्ष और शिक्षा किसी भी सामान्य परिवार के बच्चों को असाधारण ऊँचाइयों तक पहुँचा सकती है।
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