लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बन रही सीसी रोड चढ़ा भ्रष्टाचारियों के हत्थे,जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत मादन का मामला।


प्रमोद कुमार बंजारे संभाग ब्यूरो चीफ 

कोरबा ( सुघर गांव )। जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत मादन में हो रहा सी सी रोड निर्माण में भारी गुणवत्ताहीन देखने को मिल रहा है, आपको बता दे,कि शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए लाखों रुपये स्वीकृत किए जा रहे हैं, लेकिन कहीं-कहीं यही विकास कार्य भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ते नजर आ रहे हैं। पाली जनपद अंतर्गत ग्राम मादन में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बन रही सीसी रोड की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार फॉरेस्ट काष्ठागार से मादन बस्ती की ओर जाने वाली मार्ग पर निर्माणाधीन सीसी रोड में स्टीमेट और तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। सीमेंट, गिट्टी और रेत का अनुपात नियमों के अनुरूप नहीं रखा जा रहा, जिससे सड़क की मजबूती संदिग्ध हो गई है।
मशीन से निर्माण, मजदूरों को नहीं मिला रोजगार

जहां इस कार्य में हाथ से निर्माण कर स्थानीय मजदूरों को रोजगार दिया जाना था, वहीं मिलर मशीन से सामग्री तैयार कर सड़क बनाई जा रही है। इससे ग्रामीण मजदूरों की आजीविका प्रभावित हो रही है और रोजगारपरक योजनाओं के उद्देश्य पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पालीथिन शीट और वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा। सड़क के किनारों पर करीब 8 इंच मोटाई है, जबकि बीच रेती डालकर केवल 3 से 4 इंच ढलाई की गई है। ऊपर में सीमेंट का घोल डालकर सड़क को बेहतर दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि सड़क निर्माण के साथ ही पाइपलाइन डालने के नाम पर कोर कटिंग की तैयारी भी शुरू हो गई है। यानी सड़क पूरी तरह बनने से पहले ही उसे तोड़ने की योजना है, जिसे ग्रामीण सरकारी धन की सीधी बर्बादी बता रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने मोटी कमीशन के लालच में यह कार्य एक अघोषित ठेकेदार को सौंप दिया है। न तो जनप्रतिनिधि और न ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे, जिससे ठेकेदार मनमानी कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई जांच या ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
सीसी की जगह डामर सड़क की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बनी सीसी सड़कें कुछ ही महीनों में उखड़ जाती हैं और धूल उड़ने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। ऐसे में प्रशासन को सीसी रोड के बजाय डामरीकरण (डामर सड़क) की स्वीकृति देनी चाहिए, जो अधिक टिकाऊ और सुरक्षित होती है।
जनता के पैसे का हिसाब जरूरी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह सड़क भी जल्द ही जवाब दे देगी। सवाल यह है कि जनता के लाखों रुपये आखिर किस गुणवत्ता के विकास कार्यों पर खर्च किए जा रहे हैं।यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीण पारदर्शी जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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