प्रेस क्लब की मांग पर बिलासपुर पुलिस अधीक्षक का बड़ा जवाब,जब तक नही होगी पूरी जांच तब तक नहीं होगी पत्रकारों पर FIR

प्रेस क्लब की मांग पर बिलासपुर  पुलिस अधीक्षक का बड़ा जवाब,जब तक नही होगी पूरी जांच तब तक नहीं होगी पत्रकारों पर FIR 
 
बिलासपुर ( सुघर गांव ) जिले से एक खास खबर सामने आ रहा है,पत्रकारों के लिए एक अहम फैसला बिलासपुर पुलिस कप्तान के द्वारा लिया गया है।बोले अब किसी भी पत्रकार पर पुरी जाँच पड़ताल, छानबीन के बिना पहले से एफआईआर दर्ज नहीं किया जाएगा। आपको बता दे कि पिछले कुछ दिनों से बिलासपुर की पुलिस पत्रकारों के खिलाफ बिना जांच और सबूत के एफआईआर दर्ज कर रहा था।और एक महीने के अंदर में लगभग 8 से अधिक पत्रकारों के खिलाफ भयादोहन का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ताओं के द्वारा अपनी कमियों को छुपाने के लिए पुलिस का सहारा लेकर पत्रकारों को लगातार उन्हे परेशान किया जा रहा है। एक के बाद एक हुई प्राथमिकी से पत्रकारों में पुलिस के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी भी दिखाई दे रहा है। जिस वजह से 15 जुलाई 2025 मंगलवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष इरशाद अली के नेतृत्व में क्लब की कार्यकारिणी और शहर के पत्रकारों ने एकजुट होकर पुलिस  के द्वारा पत्रकारों के ऊपर हों रहें अत्याचार का विरोध करते हुए । सभी पत्रकारों ने पुलिस द्वारा जारी तत्परता वाली नीति और कार्रवाई का विरोध किया है।और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा ,पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर पत्रकारों ने मांग किया कि पत्रकारों के खिलाफ होने वाली शिकायतों की पहले पूरी तरह से जांच कर तमाम तथ्य और सबूत इकट्ठे किया जाना चाहिए।और उसके बाद ही दोषी पाए जाने पर एफ आई आर दर्ज किया जाए। बीते कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि अति उत्साह में पुलिस शिकायत मिलते ही तत्काल मामला दर्ज कर रही है। तत्काल की जा रही कार्रवाई से ऐसा लग रहा है कि पत्रकारों से पुलिस की कोई पुरानी दुश्मनी है। पत्रकारों ने कड़ा विरोध जताते हुए पुलिस अधीक्षक से मांग किय है,कि किसी भी पत्रकार के खिलाफ जब तक पर्याप्त सबूत,आधार, तथ्य न हो तब तक उनके खिलाफ मामला दर्ज न किया जाए,साथ ही जांच पूरी होने से पहले पत्रकारों की गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने प्रेस क्लब को बताया की जिन पत्रकारों के खिलाफ मामले दर्ज हो रहे हैं। उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत और तथ्य मिल रहे हैं इसी वजह से मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने ललिता कुमारी वर्सेज स्टेट में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि संगेय अपराध वाले मामले में पुलिस को कड़ा कदम उठाना पड़ता है। राशन दुकानदारों ने पर्याप्त सबूत पेश करते हुए पुलिस में जाने पर देख लेने की धमकी की भी जानकारी दिया है। यही वजह है कि प्रावधानों के तहत ही वे कार्यवाही कर रहे हैं। उन्होंने प्रेस क्लब की मांग पर पदाधिकारियो को आश्वस्त किया है कि किसी भी पत्रकार की गिरफ्तारी मामले की पूरी तरह जांच हुए बिना नहीं होगी। किसी भी पत्रकार को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने  कहा कि पूरी सावधानी और गंभीरता के साथ मामलों की जांच पूरी करने का निर्देश संबंधित थानों को दिया गया है। अगर पत्रकार गलत नहीं हैं तो उन्हें भयभीत होने की जरूरत नहीं है। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब के सह सचिव दिलीप जगवानी, वरिष्ठ पत्रकार महेश तिवारी, अखलाख खान, मनीष शर्मा, लोकेश वाघमारे, पंकज गुप्ते,छवि कश्यप, अमन पांडेय,पृथ्वी दुबे( पिंटू ),राकेश मिश्रा,रवि शुक्ला, साखन दर्वे, तीरिथ राम लहरे, जितेंद्र थवाइत,सत्येंद्र वर्मा,श्याम पाठक,जिया खान, जेपी अग्रवाल,रोशन वैद्य,नरेंद्र सिंह ठाकुर,गोलू कश्यप, अमित पाटले,कैलाश यादव, घनश्याम गंधर्व सहित सभी पत्रकार  शामिल थे।

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