मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री का पुतला दहन,पुष्पांजलि हत्याकांड मामले पर फांसी की मांग..
आक्रोशित जिले वासियों ने मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए
मध्य प्रदेश में एक इंजीनियरिंग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर की गई हत्या
मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन ने साक्ष्य सबूतों को मिटाने और परिवार जनों को दी धमकी.
जावेद अली आजाद की विशेष रिपोर्टकोरबा (सुघर गांव)। 30 जून 2025,
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला कोरबा क्षेत्र हरदीबाजार थाना अंतर्गत ग्राम रलिया निवासी स्व.उमेंद्र दास की पुत्री इंजीनियरिंग छात्रा कुमारी पुष्पांजलि महंत की मोरवा थाना सिंगरौली मध्यप्रदेश में कथित तौर पर बलात्कार और हत्या करने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। परिवार वालों ने कानून के रखवालो से संबंधित हत्यारों को फांसी देने की मांग की है। इसी प्रकार परिवारजनों का आरोप है कि मध्यप्रदेश सिंगरौली पुलिस और छत्तीसगढ़ कोरबा पुलिस पर मामले की गंभीरता से जांच व असहयोग करने की खानापूर्ति तथा पूरे मामले में आरोपियों को बचाने व हथकंडे और प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
गर्मी की छुट्टी में मिलने आई थी अपनी मां से मृतिका पुष्पांजलिकोरबा के रलिया गांव की निवासी इंजीनियरिंग छात्रा पुष्पांजलि जो कि भोपाल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। वह अपनी मां के पास मिलने गई थी जो कि उनके स्वर्गीय पिता की जगह पर अनुकंपा नियुक्ति पर उसकी मां शासकीय सेवा में है। मोरवा, सिंगरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुष्पांजलि की हत्या होने से संबंधित क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
बेरहमी से पिटाई और सामूहिक दुष्कर्म कर की गई हत्या
मीडिया को बताया गया है कि पुष्पांजलि की मृत्यु नहीं हुई है उसके साथ लाठी, डंडों, लात, घुसे, चप्पल और थप्पड़ से मारपीट करते हुए बेरहमी से जमीन पर घसीटा गया है। उसके शरीर के सभी जगहों पर चोट के निशान है। सर पर चोट के निशान है, गाल पर थप्पड़ के निशान है, और शरीर के प्राइवेट अंगों को बुरी तरह से टॉर्चर किया गया है इतना ही नहीं उसके साथ बलात्कार किया गया। बलात्कार करने के दौरान उसे जान से मार दिया और उसे नग्न अवस्था में हत्यारों ने उसके दोनों हाथ को एक रस्सी के सहारे खिड़की पर बांध कर लटका दिया। जब इस मामले की सूचना मध्यप्रदेश के क्षेत्र मोरवा थाने को मिली तो घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस के द्वारा कार्रवाई या विवेचना करने के बजाय मृतिका के सगे संबंधियों को धक्का मुक्की करने लगे और उनके साथ बदतमीजी कर धमकी देने लगे, ऊपर से पुलिस वालों ने मामले की जांच हेतु फोरेंसिक टीम भी गठित नहीं की और लाश को तीन दिनों से लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। साक्ष्य सबूत मिटाने के साथ लाश को सड़ा गला दिया गया। परिवार वालों ने मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन थाना मोरवा पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि मृतका के साक्ष्य, सबूतों को मिटाने का प्रयास की है। मोरवा थाने पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई और परिवार जनों के साथ बदतमीजी और धमकी देते हुए पुलिस ने थाने से भगा दिया। आज एक सप्ताह बीत जाने बावजूद पुलिस प्रशासन दरिंदों और हथियारों को पकड़ नहीं सकी। इस कृत्य पर मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन के कार्यशालियों और उनके उत्तरदायित्वों को चिन्हित करते हुए कानून के कटघरे पर एक बार फिर लाकर खड़ा कर दिया गया है। इसी प्रकार जिला कोरबा थाना हरदी बाजार क्षेत्र रलिया के पुलिस वालों पर भी गंभीर आरोप लगा है। हत्या के मामले को देखते हुए भी गंभीरता से जांच अब तक नहीं की गई अन्यथा हत्यारों को पकड़ने के बजाय बचाने का प्रयास किया जा रहा।
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री का किया पुतला दहन, आम जनों ने पुतला पर लात, घुसो, चप्पलों से किया स्वागत आज छत्तीसगढ़ राज्य के ऊर्जा धानी जिला कोरबा क्षेत्र निहारिका सुभाष चौक में आक्रोशित जिले वासियों और छत्तीसगढ़ कामगार भू स्थापित संगठन तथा छत्तीसगढ़िया सेना सब ने मिलकर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया इस दौरान लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मृतका की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए आम जनों ने जिले में कैंडल मार्च निकाली। आक्रोशित लोगों ने मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। आक्रोशित लोगों ने मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री का पुतला दहन और मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए सीएम पुतला का चीर हरण किया गया।
लोगों के मन में कुछ सवाल जो जवाब नहीं मिलते मन ही मन घुट जाते – जिले वासियों की जुबानी आक्रोशित जिले वासियों से यह भी सुनाई पड़ी जिले में इतनी बड़ी घटना घटित होने के बावजूद भाजपा सरकार,जिला कोरबा पुलिस प्रशासन और मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन की लचर व्यवस्थाओ और अपराध पर अंकुश लगाने की सार्थक पहल विफल नजर आ रही है।एक सप्ताह बीत जाने बावजूद हत्या की घटना से संबंधित हथियारों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी ऊपर से परिवार वालों को धमकी दिया गया।
ऐसे पुलिस वालों को तत्काल सस्पेंड करते हुए उनकी वर्दी उतार कर बीच चौराहे पर स्वागत किया जाए। इसी प्रकार तत्काल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे दी जानी चाहिए। जो अपने राज्य के जनता की समस्याओं का हल नहीं कर पा रही है वह राज्य को क्या संभालेगा।
आपको बता दें कि इस पूरी घटना पर आम जनता ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार की कार्य शैलियों की पोल खोल दी है। एक तरफ भाजपा के द्वारा नारी सशक्तिकरण और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कर नारा जोर - शोर से लगाया जाता रहा है तो दूसरी ओर भारत देश में बेकसूर स्त्री, महिलाओं के साथ बलात्कार और हत्याए की घटना लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर सिंहासन पर बैठे अपनी रोटियां सकते हुए सत्ता के दावे करने वाले दिग्गज नेता और सरकार तथा सरकार के नामुन्दे, वर्दी के पीछे कानून के रखवाले इस मामले पर मुख दर्शक बनी पड़ी है। इस पूरी घटना का खबर प्रकाशित होने के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकार और पुलिस प्रशासन पुष्पांजलि हत्याकांड मामले को गंभीरता से लेते हुए हथियारों को सलाखों के पीछे डालकर फांसी की सजा दे पाती है या यूं ही संरक्षण देती है देखने वाली बात होगी।
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