सक्ति (सुघर गांव)। 24 जून 2025,
आपने सभी ने मिठाइयां तो बहुत खाएं होंगे,लेकिन हसौद का पेड़ा कुछ हटके है। इसके स्वाद की बात ही अलग है। छत्तीसगढ़ के जिले के जैजैपुर ब्लॉक के अंतर्गत हसौद गांव है,जहां ननकीदाऊ साहू के पेड़े की दुकान है। आस पास के इस क्षेत्र के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में यह हसौद का पेड़ा नाम से प्रसिद्ध है।
हसौद के पेड़े की मांग राजधानी रायपुर तक है
वहीं हसौद से लगे हुए जिले सक्ति से जांजगीर - चाम्पा, सारंगढ़ - बिलाईगढ़ रायगढ़,बिलासपुर और आस पास के गांवों में भी इसकी बिक्री होती है। जिसकी मांग राजधानी रायपुर तक है हसौद का पेड़ा दुकान का नाम ही इतना प्रसिद्ध है कि 01 ही दिन में 02 क्विंटल से ज्यादा पेड़े घर से ही बिक जाते हैं। इसे बेचने या इसकी मार्केटिंग करने के लिए कहीं जाने की जरूरत ही नहीं है। वहीं त्योहार के मौके पर तो पेड़ा ही कम पड़ जाता है। हसौद का पेड़ा नाम से प्रसिद्ध इस दुकान के संचालक बालक साहू ने प्रेस सुघर गांव से बातचीत में कहा कि उनकी दुकान को लगभग 50 वर्ष पहले उनके पिता ननकीदाऊ साहू ने शुरु किया था। उन्होंने दूध से पेड़ा बना कर बेचने का काम छोटे पैमाने पर शुरू किया था। तब पेड़े की कीमत मात्र 40 रुपये किलो था।वर्तमान में कम शक्कर का (फीका मीठा) पेड़ा 400 रुपये किलो और शक्कर वाला पेड़ा 350 रुपये किलो है। उन्होंने कहा कि खोया तैयार करने के लिए प्रतिदिन 1000 से 1200 लीटर दूध लगता है। इसके बाद उसका पेड़ा बनाया जाता है। इस काम को करने के लिए 20 लोगों को रखा गया है, जो दूध, शक्कर और इलायची से खोया और उसके बाद पेड़ा बनाने और उसके पैकेट तैयार करने का काम करते हैं।
इससे आस पास के लोगों को रोजगार भी मिलता है।
आस पास के गांवों से खरीदते हैं दूध
बालक साहू ने आगे कहा कि उनके पिता ननकीदाऊ साहू ने यह काम 20 वर्ष की उम्र में शुरू किया था। तब वह घर के ही दूध से पेड़े बनाते थे। धीरे - धीरे मांग बढ़ने लगी और फिर पेड़े भी ज्यादा बनाने लगे।
दूध की जरूरत भी बढ़ी,तब आस पास के लोगों से दूध खरीदना शुरू किया। वर्तमान में एक दिन में 1000 से 1200 लीटर दूध की खपत होती है, जो हसौद के अलावा आसपास के गांव मिरौनी, नरियरा, चिस्दा, अमोदा और परसदा के पशु पालकों से खरीदा जाता है।
दिग्गज नेता भी पेड़े के दीवाने
हसौद का पेड़ा इतना मशहूर है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, डॉ.रमन सिंह सहित कई दिग्गज नेता इसके स्वाद के शौकीन हैं।
उप तहसील,थाना,बड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय होने से हसौद का पेड़ा की बढ़ती क्रम में हैं पूछ परख
हसौद उप तहसील,थाना,बड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय होने के साथ चारों ओर मुख्य मार्ग से लगा हुआ हैं। जिस पर हसौद का पेड़ा की मांग पूछ परख बढ़ते क्रम में हैं। यहां के माटी पुत्र निर्मल सिन्हा पूर्व विधायक एवं उपाध्याय प्रदेश भाजपा तथा जिला पंचायत सदस्य अपने ग्राम हसौद की प्रसिद्ध पेड़ा अपने यहां आने वाले आम लोगों को मंगवा कर खिलाते हैं। जिसके पेड़ा का शौक़ीन अनेकों लोग हो जाते हैं और अपने यहां कुछ भी खुशी के अवसर पर्व पर हसौद की प्रसिद्ध पेड़ा की स्वाद जरूर लेते हैं। साथ ही एक दूसरे में मधुर संबंध स्थापित कर खुशियाँ की स्वाद बांटते हैं।
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