आरंग क्षेत्र के ग्रामीण अंचलो में अवैध वृक्षों की कटाई में लकड़ी तस्कर सक्रिय,ईटभट्ठा में हो रहा लकड़ी की सपलाई

आरंग क्षेत्र के ग्रामीण अंचलो में अवैध वृक्षों की कटाई में लकड़ी तस्कर सक्रिय,ईटभट्ठा में हो रहा लकड़ी की सपलाई 
 वन विभाग कार्यवाही करने में सुस्त,अवैध ईटभट्ठे संचालक लकड़ी तस्कर कमाई करने में मस्त 
आरंग (सुघर गांव)। 18 मई 2025,
जिले रायपुर अंतर्गत आरंग क्षेत्र के ग्रामीण अंचलो में पर्यावरण की दोहन करते हुए लकड़ी तस्कर हरे भरे उपयोगी वृक्षों की अवैध रूप से कटाई कर लकड़ी की तस्करी कर रहें हैं। अवैध रूप से ईट भट्ठा संचालन कर्ताओं द्वारा कच्चे ईट को पकाने लकड़ी का अधिक उपयोग किया जा रहा हैं।
जिसमें ग्राम पंचायत फरफौद में सरपंच पंकज चंद्राकर और उनके भाई मिलकर ईट भट्ठे में लकड़ी की अधिक उपयोग कर धड़ल्ले से ईट निर्माण कर पकाने में लगे हुए हैं। इसके जैसे और कई ईटभट्ठा में उपयोगी लकड़ी को अवैध रूप से कार्य में ला कर मलाई खा रहें हैं। लगातार ग्राम परसकोल,फरफौद, अकोलीखुर्द,कोरासी सहित अन्य ग्राम से लकड़ी तस्कर गिरोह सक्रिय हैं।
जिसमें कई ग्राम अंतर्गत में गुमा,बाना, कोसरंगी, तुलसी, अमोंदी, कोरासी, पिरदा,चकवे, रानीसागर,परसदा, कुसमुंद,सेमरिया, बुडगहन,गुखेरा आदि गाँवो में हरे भरे पौधे की अवैध रूप से कटाई और लकड़ी तस्करी का खेल जारी हैं। यदि जमीनी स्तर पर मौके देखे जाएं तो अवैध लकड़ी कटाई और तस्करों की सारे पोल खुल जाएगा।
एक तरफ पेड लगाओ, पर्यावरण बचाओ कहा जा रहा और चल रहा उलटे पेड काटो अभियान, कब लेगा कार्यवाही करने सुध वन विभाग संज्ञान
शासन - प्रशासन और पर्यावरण वन विभाग एक तरफ पेड लगाओ और पर्यावरण बचाओ अभियान चलाने का नारा देते फिरते हैं। जब छत्तीसगढ़ में जिसे कौहा पेड कहते हैं उसे आयुर्वेद पौधे के रूप में अर्जुन छाल पेड उपयोग मानते हैं। जिसके अवैध कटाई और ईट भट्ठा में ईट पकाने की उपयोग ज्यादातर किया जा रहा हैं तो भी वन विभाग कार्यवाही करने में लकड़ी तस्कर पर सख्त क्यों नहीं हो रहा हैं। लकड़ी तस्करो पर शिकांजा नहीं कसने से उनके हौंसले बुलंद होते जा रहें हैं।
एक तरफ पेड लगाओ,पर्यावरण बचाओ कहता हैं और चल रहा उलटे पेड काटो अभियान पर कब लेगा कार्यवाही करने सुध वन विभाग संज्ञान।
समाचार प्रकाशित होने पर क्या विभागीय जिम्मेदार लेंगे कार्यवाही करने सुध,या पर्यावरण का हनन करने वाले हरे भरे पेड़ो की कटाई कर लकड़ी तस्कर करने वालों को मिलीभगत कर देंगे संरक्षण देखना होगा।

Post a Comment

0 Comments