विकास की नींव गढ़ने वाला पंचायत कार्यालय खुद के विकास के लिए ललायित

शैलेश गुप्ता सरगुजा संभाग ब्यूरो
कोरिया (सुघर गांव) 04 नवंबर 2024 जल संग्रह के लिए पूरे भारत मे अपनी पहचान बना चुका सोनहत विकास खण्ड का ग्राम पंचायत पोंडी आज खुद के कार्यालय भवन के लिए मोहताज है। कई दसको से छोटे सामुदायिक भवन में ग्राम पंचायत कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। सर्व सुविधा युक्त भवन की मांग की फाइल तो बनी पर कछुआ की चाल के कारण आज तक नवीन भवन नही स्वीकृत हो सका है।
जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से 35 किलोमीटर दूर बसे ग्राम पंचायत पोंडी का पुराना कार्यालय पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। उपयोग विहीन हो गया है।
 जर्जर भवन में कार्यालय का संचालन जोखिम भरा देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था छोटे सामुदायिक भवन में कार्यालय संचालन के लिए बनाया गया लेकिन आज तक कई दसक बीत गए नए भवन की स्वीकृति फाइल उच्य दफ्तरों में अटकी हुई है। लिहाजा भारी अव्यवस्थाओं के बीच कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। ग्राम सभा में जब ग्रामीण कार्यालय पहुँचते है तो उन्हें बाहर बैठाया जाता है कार्यालय में बैठने तंक की जगह नही है। आपको बता दे कि मनरेगा से जल संग्रह कार्य के लिए ग्राम पंचायत को वर्ष 2019 में नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया पूरे छत्तीसगढ़ का भारत मे नाम हुआ लेकिन विडंबना देखिए विकास की नींव शासन की हर योजना को अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहचाने वाले ग्राम पंचायत कार्यालय खुद अपने विकास के रूप में नवीन भवन के लिए मोहताज है।
        खबर के बाद प्रशासन का क्या एक्सन होगा देखने वाली बात होगी।

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