अमरटापू धाम में अंतर्राष्ट्रीय पंथी नर्तक स्व.श्री देवदास बंजारे की 21 वीं स्मृति दिवस पर दी गई संगीत मय श्रद्धांजलि

अमरटापू धाम में अंतर्राष्ट्रीय पंथी नर्तक स्व.श्री देवदास बंजारे की 21 वीं स्मृति दिवस पर दी गई संगीत मय श्रद्धांजलि
 80 से अधिक लोककला दलों ने दी प्रस्तुति, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने अमरटापू धाम के विकास के लिए 15 लाख रुपये देने की घोषणा
  मुंगेली (सुघर गांव)। 27 अगस्त 2026,
अंतर्राष्ट्रीय पंथी नर्तक सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं सतनामी लोककला के पुरोधा स्व.श्री देवदास बंजारे जी की 21वीं स्मृति दिवस के अवसर पर अमरटापू धाम में भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 80 लोककला दलों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से स्व.श्री बंजारे को संगीत मय भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक मुंगेली पुन्नूलाल मोहले ने की। श्री मोहले पूर्व मंत्री एवं विधायक मुंगेली ने अपने विधायक निधि से कार्यक्रम में शामिल प्रत्येक लोक कला दल को 05 - 05 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा किया। कार्यक्रम में संत गुरु घासीदास छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण से सम्मानित श्रीमती समे शास्त्री, सतनाम भजन प्रसिद्ध गायिका श्रीमती शारदा चंदन, प्रसिद्ध गायिका श्रीमती प्रतिमा बारले, सतनामी बघवा फेन शशी रंगीला, भजन सम्राट भगत गुलेरी, छत्तीसगढ़ अंचल के प्रसिद्ध लोकगायक गोफेलाल गेंदले, निर्माता-निर्देशक गोविंद दास डहरिया, फिल्म निर्देशक एवं प्रसिद्ध लोकगायक हेमलाल चतुर्वेदी, सतनाम भजन लोकगायक यशवंत सतनामी, आईना नरेश चेलक, जे.डी. बादल, प्रसिद्ध कलाकार प्रीतम कोसरिया सहित अधिक संख्या में कलाकार एवं समाज के गणमान्य नागरिक गण जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
गुरू अमरदास बाबा जी की परम पावन तपो महिमा संत समागम गुरू दर्शन मेला अमरटापू धाम के विकास के लिए 15 लाख रुपये देने की घोषणा
 मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने अमरटापू धाम के विकास कार्यों के लिए अपने सांसद निधि से 15 लाख रुपये देने की घोषणा किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का आयोजन समिति द्वारा भव्य स्वागत अभिनंदन किया गया।
कलाकारों ने केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू को सौंपा मांग पत्र
कार्यक्रम के दौरान प्रमुख कलाकारों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के माध्यम से राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल के नाम मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में बलौदाबाजार घटना के संबंध में सतनामी समाज के निर्दोष बताए जा रहे लगभग 250 नवयुवकों के प्रकरणों को नि:शर्त वापस लेने की मांग प्रमुखता से रखी गई। कलाकारों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस विषय में शासन स्तर पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए निर्दोष युवाओं को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी पहल की जानी चाहिए।
स्व.श्री देवदास बंजारे के नाम पर संस्थानों एवं स्मारकों के नामकरण की मांग
मांगपत्र में महान लोक कलाकार श्री देवदास बंजारे जी के कला एवं सांस्कृतिक योगदान को स्थायी रूप से संरक्षित एवं सम्मानित करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखी गईं। 
जिनमें प्रमुख मांग यह हैं कि - श्री देवदास बंजारे जी के नाम पर छत्तीसगढ़ प्रदेश में नीट परीक्षा की तैयारी के लिए केन्द्र स्थापित किया जाए। उनके नाम पर ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाए। श्री देवदास बंजारे जी के जीवन,कला एवं योगदान को प्रदर्शित करने के लिए संग्रहालय स्थापित किया जाए।
उनके सम्मान में भारत सरकार द्वारा डाक टिकट जारी किया जाए। श्री देवदास बंजारे जी को पद्मश्री सम्मान प्रदान किए जाने की अनुशंसा एवं पहल की जाए।
धनोरा - दुर्ग से पाटन - अभनपुर मार्ग का नामकरण श्री देवदास बंजारे जी के नाम पर किया जाए।
धनोरा में नवनिर्मित महाविद्यालय का नामकरण श्री देवदास बंजारे जी के नाम पर किया जाए।
खम्हरिया में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का नामकरण भी श्री देवदास बंजारे जी के नाम पर किया जाए। मांगपत्र के माध्यम से कहा गया कि श्री देवदास बंजारे जी ने छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकसंगीत एवं सतनाम भजन परंपरा को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे महान कलाकार की स्मृति एवं योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनके नाम पर शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक संस्थानों की स्थापना एवं नामकरण किया जाना उचित होगा।
 संचालक दुर्गा बघेल ने किया उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त
  कार्यक्रम के अंत में अमरटापू धाम के संचालक दुर्गा बघेल ने उपस्थित सभी अतिथियों, कलाकारों, समाज के जन प्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा - अमरटापू धाम में आयोजित यह कार्यक्रम श्री देवदास बंजारे जी की कला, संगीत और सांस्कृतिक योगदान को स्मरण करने के साथ-साथ उनके नाम और विरासत को संस्थागत रूप से संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। अन्तर्राष्ट्रीय पंथी नर्तक स्व. श्री देवदास बंजारे ने पूरे छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश के 64 राज्यों में सबसे तेज नृत्य पंथी और गीत संगीत लोक संस्कृति परंपरा कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ के महान संत गुरु घासीदास बाबा जी के सतोपदेश अमृतवाणी सतनाम के अमर संदेश मनखे - मनखे एक समान को जन - जन तक प्रचार - प्रसार किया। वे अंतर्राष्ट्रीय पंथी नर्तक के नाम से विख्यात अमर हो गए। उनके पुण्यतिथि 26 अगस्त को संत समाज जनों और लोकगायक कलाकारों ने उनके अमूल्य सामाजिक धार्मिक संस्कृति जन जागरूकता कार्यों को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

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