दर्री तहसील कार्यालय एवं कुसमुण्डा जी.एम. ऑफिस का करेंगे घेराव, होगा धरना प्रदर्शन– ग्रामीण.
कई वर्षों से लगातार भूविस्थापितों की मांगों को लेकर कर रहे गुमराह, कार्यालय का घेराव करने के साथ सक्षम अधिकारी अब आरोपों के घेरे में..
जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो छत्तीसगढ़
कोरबा(सुघर गांव)। ग्राम जटराज (चन्द्रनगर), तहसील-दर्री, जिला-कोरबा (छ.ग.) का कोल उत्खनन हेतु एसईसीएल कुसमुण्डा परियोजना के द्वारा संपूर्ण भूमि का चार चरणों में 01. वर्ष 1979 - सीबीए, 02. वर्ष 1983 - म.प्र.पू.निति, 03. वर्ष 1984 - म.प्र.पू.निति पूरक, 04. वर्ष 2010 - सीबीए सेक्शन 9(1) में अर्जन किया गया है। अर्जन उपरांत उपरोक्त ग्राम जटराज के रोजगार, मुआवजा, पुर्नवास संबंधी समस्याओं का भूविस्थापितों ने कई बार निवेदन, आवेदन के बावजूद विधि सम्मत रूप से निराकरण नहीं किया जा रहा है। ग्राम जटराज को उत्खनन हेतु खाली कराने की मंशा से विधि का पालन न करते हुए अवैधानिक रूप से बलपूर्वक रोजगार, मुआवजा एवं पुर्नवास संबंधी प्रक्रियाओं की औपचारिकता पूर्ण की जा रही है।
भूविस्थापितों के समस्याओं का निवारण निम्नानुसार है जिसका आवेदन, निवेदन के उपरांत निराकरण नहीं किया जा रहा है :-
1. ग्राम जटराज के पुराने रोजगार प्रकरण जिनका अर्जन 1978, 1983 एवं 1984 में किया गया था, आज तक पुर्नवास समिति के निर्देशानुसार नहीं किया जा रहा है जिसकी संख्या लगभग 30 है।
02. ग्राम जटराज मसाहती ग्राम है। चारों अर्जन में मसाहती मानकर रोजगार, मुआवजा, पुर्नवास की कार्यवाही की जा रही थी एवं ग्रामीणों को समस्त लाभ प्रदान किया गया है। विधि विरूद्ध एकाएक वर्ष 2026 में अनसर्वेड को सर्वेड बताकर खातेदार की भूमि को आवास स्थल दूर बताते हुए आवास का निर्माण निजी भूमि में नहीं होने का हवाला देकर सोलेसियम राशि में कटौती की जा रही है । सर्वे होने के संबंध में दस्तावेज की मांग तहसीलदार प्रियंका चन्द्रा एवं नकल शाखा से मांग करने पर प्रदान नहीं की जा रही है। नकल शाखा से नकल आवेदन करने पर दस्तावेज जमा नहीं होने के कारण दस्तावेज प्रदान किया जाना संभव नहीं है, लिख कर प्रदान किया गया है, जिस पर हमें आपत्ति है ।
03. ड्रोन सर्वे के आधार पर परिसंपत्तियों का मुआवजा निर्धारण किया जा रहा है । अतः ड्रोनसर्वे दिनांक 28.05.2023 के आधार पर किया जा रहा है। यह ड्रोन सर्वे हमारे बगैर जानकारी के सहमति के किया गया है जिसकी सूचना विधि विरूद्ध 2025 के अखबार प्रकाशन की गई है । जबकि यह पत्र एस.डी.एम. कटघोरा के संज्ञान में जारी पत्र है। जिसका प्रकाशन जारी नहीं किया था। इससे प्रबंधन के द्वारा किए जाने वाला षडयंत्र स्पष्ट परिलक्षित होता है ।
04. परिसंपत्तियों के मापन कमेटी मेम्बर की अनुपस्थिति में एसईसीएल के अधिकारियों के द्वारा मापन किया जा रहा है । इस दौरान तहसीलदार दर्शी चन्द्रा मैडम जी पटवारी, आर.आई. , तहसीलदार केरकेट्टा जी उपस्थित रहे । नियमानुसार मेजरमेंट बुक तकनीकी जानकर सिविल विभाग के अभियंता के द्वारा दर्ज करना था । विधि के विरूद्ध कमेटी मेम्बर की अनुपस्थिति में अनाधिकृत व्यक्तियों के द्वारा एम.बी. बुक भरा जा रहा है । यह कार्य कूटरचित है । औपचारिकता के लिए बाद में उक्त अधिकारियों का हस्ताक्षर कराया जा रहा है ।
05. परिसंपत्ति मापन की पावती प्रदान नहीं की जा रही है ।
06. परिसंपत्ति मापन के दौरान विधि के विरूद्ध कार्य होने पर सहमति स्वरूप बहुत से व्यक्तियों के द्वारा हस्ताक्षर नहीं किया गया है। आपत्ति दर्ज कराई गई है। अतः मुआवजा राशि के सहमति तैयार किया गया है ।
07. प्रबंधन के नोटिस चस्पित कर 30 जून तक परिसंपत्तियों का 50 प्रतिशत मुआवजा राशि प्राप्त नहीं करने पर राशि ट्रिब्यूनल में जमा करने की सूचना प्रदान किया गया है जबकि बसाहट की मिट्टी, बरसात में कई फिट गड्डे के रूप में कट कर बह रही है ।
मिट्टीडंप स्थल पर आवास बनाने के कारण जमा नहीं है। मापदण्ड के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है । बसाहट में बगैर संपूर्ण सुविधा प्रदान किए कमजोर मिट्टी में आवास बनाने हेतु मजबूर किया जा रहा है । इस स्थिति में जान-माल का नुकसान होना तय है । इसकी जवाबदारी लेने वाला कोई नहीं हैं ।




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